Milk Prices Increased in Haryana : हरियाणा में दूध के दाम बढ़ाने की मांग के बीच अब सिरसा जिले में भी पशुपालकों ने नए रेट लागू करने का ऐलान किया है। कालांवाली में वीरवार को हुई पशुपालकों की पंचायत में गदराना और कालांवाली गांव के पशुपालक शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से भैंस के दूध का रेट ₹100 प्रति लीटर और गाय के दूध का रेट ₹80 प्रति लीटर करने का फैसला लिया गया।

Written by Kajal Panchal • Published on : 3 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : पशुपालकों ने बैठक के बाद वीडियो जारी कर नए रेट का ऐलान किया। उनका कहना है कि आज से ही नए दाम लागू होंगे। बैठक में किसान नेताओं समेत अन्य ग्रामीण भी मौजूद रहे। पशुपालकों ने स्पष्ट किया कि दूध चाहे खुले में बेचा जाए या डेयरी पर, उसे निर्धारित नए रेट के अनुसार ही बेचा जाए। पशुपालकों के अनुसार दूध को फेट के आधार पर कम कीमत पर बेचने के बजाय भैंस के दूध के लिए ₹100 और गाय के दूध के लिए ₹80 प्रति लीटर का रेट रखा गया है।
बैठक में यह भी कहा गया कि यदि कोई पशुपालक इससे कम कीमत पर दूध बेचता है तो उसे गांव के सामूहिक फैसले के खिलाफ माना जाएगा। ऐसे मामले की जांच की जाएगी और संबंधित पशुपालक पर ₹5,100 का जुर्माना लगाया जा सकता है।
दूध में मिलावट करने वालों पर भी कार्रवाई
पंचायत में दूध की गुणवत्ता को लेकर भी फैसला लिया गया। पशुपालकों ने कहा कि दूध में किसी तरह की मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति दूध में मिलावट करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पशुपालकों का कहना है कि अगर किसी पशुपालक को पशु पालने और अपना गुजारा चलाने में परेशानी आती है तो पंचायत की ओर से उसकी मदद करने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन दूध को कम कीमत पर बेचने की अनुमति नहीं होगी।
नाथूसरी चौपटा में भी बढ़ सकते हैं दूध के रेट

सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में भी दूध के दाम बढ़ाने को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, अभी वहां पशुपालकों की ओर से कोई औपचारिक बैठक कर नए रेट का ऐलान नहीं किया गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर चर्चा तेज होने की संभावना है।
खल, चूरी-बिनौला और चारे के बढ़े दामों का दिया हवाला
पशुपालकों ने दूध के दाम बढ़ाने के पीछे पशुओं के चारे और पशु आहार की बढ़ती कीमतों को प्रमुख कारण बताया। ग्रामीणों सत्ता चहल, नरेंद्र और सिकंदर के अनुसार पिछले 5-6 सालों से दूध के दाम में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि पशुओं को खिलाने वाली चीजों की कीमतों में काफी इजाफा हुआ है।

पशुपालकों के मुताबिक पहले खल करीब ₹1,800 से ₹2,000 प्रति 50 किलो मिलती थी, जो अब बढ़कर ₹2,700 से ₹2,800 तक पहुंच गई है। इसी तरह चूरी का भाव पहले करीब ₹1,000 से ₹1,100 था, जो अब ₹1,600 से ₹1,700 तक पहुंच गया है।

वहीं, बिनौला का भाव भी ₹3,700 से अधिक बताया जा रहा है। सूखे चारे के रूप में इस्तेमाल होने वाली तूड़ी की कीमत पहले करीब ₹500-600 प्रति क्विंटल थी, जो अब बढ़कर ₹800 से ₹1,000 प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है।
महंगाई के कारण कई पशुपालकों ने पशु बेच दिए
पशुपालकों का कहना है कि पशुओं के रखरखाव का खर्च लगातार बढ़ने के बावजूद दूध की कीमतों में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई। इसका असर पशुपालन पर पड़ा है और कई पशुपालकों ने अपने पशु बेच दिए हैं।

इसी समस्या को लेकर कालांवाली में पंचायत बुलाई गई थी। बुधवार को भी बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन गांव में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद वीरवार को दोबारा बैठक आयोजित की गई।
देसी घी के दाम बढ़ाने पर भी फैसला
पशुपालकों ने दूध के साथ-साथ देसी घी के रेट बढ़ाने को लेकर भी फैसला लिया है। उनकी मांग है कि देसी घी का भाव करीब ₹1,500 से ₹2,000 प्रति किलो रखा जाए।

वर्तमान में पशुपालकों के अनुसार कालांवाली क्षेत्र में भैंस का दूध करीब ₹70-80 प्रति लीटर और गाय का दूध ₹50-60 प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है। अब पशुपालकों ने इसे बढ़ाकर भैंस के दूध के लिए ₹100 और गाय के दूध के लिए ₹80 प्रति लीटर करने का फैसला लिया है।
एक नजर में नए रेट
भैंस का दूध: ₹100 प्रति लीटर
गाय का दूध: ₹80 प्रति लीटर
देसी घी: ₹1,500-2,000 प्रति किलो
कम रेट पर दूध बेचने पर जुर्माना: ₹5,100
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