Meta Muse : AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रह गया है। अब वह यूजर की तरफ से कई काम खुद करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। Meta ने अपना नया पर्सनल AI एजेंट Muse लॉन्च किया है, जो यूजर के निर्देश पर ईमेल भेजने, ट्रैवल बुक करने, शेड्यूल मैनेज करने, ऑनलाइन शॉपिंग और दूसरे डिजिटल कामों में मदद कर सकता है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 9 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : Meta के मुताबिक, Muse लंबे समय के लक्ष्यों को भी एक्शन प्लान में बदलकर उन पर काम कर सकता है। फिलहाल इसे अमेरिका में 18 साल से ज्यादा उम्र के यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है। आइए जानते हैं Meta Muse कैसे काम करता है और यह आपके लिए क्या-क्या कर सकता है।
Meta Muse क्या है ?
Muse एक AI Agent है, जो सामान्य चैटबॉट की तरह केवल सवालों के जवाब नहीं देता, बल्कि यूजर के निर्देश के आधार पर डिजिटल कामों को पूरा करने की कोशिश करता है। यूजर Muse को सामान्य भाषा में बता सकता है कि उसे क्या काम करवाना है। इसके बाद Muse Spark मॉडल की मदद से उस काम को समझकर जरूरी कदम तय करता है और उन्हें पूरा करने की कोशिश करता है।

यह ब्राउजर खोल सकता है, ऑनलाइन फॉर्म भर सकता है और जरूरत पड़ने पर किसी डील को बेहतर बनाने के लिए बातचीत भी कर सकता है। Muse की खासियत यह भी है कि ऐप बंद होने के बाद भी यह कुछ काम बैकग्राउंड में जारी रख सकता है। अगर काम के दौरान किसी बदलाव की जरूरत पड़ती है या यूजर की मंजूरी जरूरी होती है, तो Muse यूजर से दोबारा अप्रूवल मांग सकता है।
Email से Payment तक क्या कर सकता है ?
Muse का इस्तेमाल कई तरह के डिजिटल कामों के लिए किया जा सकता है। इसमें ईमेल भेजने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और ट्रैवल बुकिंग तक शामिल हैं। Muse इन कामों में मदद कर सकता है:

- ईमेल भेजना और मैनेज करना
- ट्रैवल बुकिंग में मदद करना
- कैलेंडर और शेड्यूल मैनेज करना
- ऑनलाइन शॉपिंग करना
- ऑनलाइन फॉर्म भरना
- बेहतर डील हासिल करने की कोशिश करना
- लंबे समय के लक्ष्यों के लिए एक्शन प्लान बनाना
Meta के मुताबिक, Muse किसी कार को बेहतर कीमत पर बेचने, बिल कम कराने या फिटनेस प्लान को जरूरत के हिसाब से एडजस्ट करने जैसे लंबे समय वाले कामों पर भी काम कर सकता है।
Payment कैसे करेगा ?
ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान Muse Stripe के Link पेमेंट टूल का इस्तेमाल कर सकता है। Meta के मुताबिक, हर खरीद के लिए वन-टाइम यूज कार्ड बनाया जाता है।
इसका फायदा यह है कि ऑनलाइन पेमेंट के दौरान यूजर के असली कार्ड की जानकारी सीधे Muse के सामने नहीं आती। इससे पेमेंट डिटेल्स की सुरक्षा बढ़ाने की कोशिश की गई है।
डेटा और प्राइवेसी कितनी सुरक्षित है ?
AI एजेंट को ईमेल, शॉपिंग और पेमेंट जैसी सुविधाओं का एक्सेस देना प्राइवेसी से जुड़े सवाल भी खड़े करता है। Meta का कहना है कि Muse को सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग सिस्टम पर तैयार किया गया है। Muse Secure VM नाम के वर्चुअल कंप्यूटर पर Muse चलता है। Meta के अनुसार, यूजर का डेटा और एजेंट का सिस्टम अलग रखा जाता है।

यूजर खुद तय कर सकता है कि Muse को किन ऐप्स और सेवाओं का एक्सेस दिया जाए। जरूरत पड़ने पर इन परमिशन को वापस भी लिया जा सकता है। Muse की ऑनलाइन गतिविधियों पर Sentinel नाम का दूसरा सिस्टम नजर रखता है। किसी संवेदनशील कार्रवाई के दौरान जरूरत पड़ने पर यह यूजर से अप्रूवल मांग सकता है। Meta के मुताबिक, Muse को यूजर के पासवर्ड और पेमेंट डिटेल्स सीधे दिखाई नहीं देते हैं।
अमेरिका में शुरू हुआ रोलआउट
Muse को फिलहाल अमेरिका में iOS, Android और muse.ai पर उपलब्ध कराया गया है। Meta के मुताबिक, इसका बेसिक इस्तेमाल ज्यादातर यूजर्स के लिए मुफ्त रहेगा। फ्री इस्तेमाल के अलावा Power प्लान की कीमत 20 डॉलर प्रति महीना और Maximum प्लान की कीमत 100 डॉलर प्रति महीना बताई गई है।फिलहाल Muse का रोलआउट अमेरिका तक सीमित है। भारत में इसे कब उपलब्ध कराया जाएगा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
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