Tibet Lake Bursts Again : नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक और झील फटने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। झील चोचेन नदी और पुरेपु सांगपो नदी के संगम के पास बनी थी। चीन ने झील के फटने की आशंका एक दिन पहले ही जताई थी। झील फटने के बाद पानी का स्तर बढ़ने लगा, जिसके चलते नेपाल के रसुवा जिले में राहत और बचाव अभियान को 90 मिनट के लिए रोक दिया गया।

Written by Kajal Panchal • Published on : 28 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : बाढ़ के खतरे को देखते हुए भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी के आसपास बसे कई गांवों को खाली कराया जा रहा है। लोगों और सुरक्षाकर्मियों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
चीन ने तिब्बत में राहत अभियान रोका, लेवल-4 अलर्ट
झील फटने के बाद चीन ने भी तिब्बत में राहत और बचाव अभियान रोक दिया है। दोबारा बाढ़ आने की आशंका के मद्देनजर वहां लेवल-4 अलर्ट जारी किया गया है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और नदी के आसपास के इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। नई झील के फटने से नेपाल में पहले से चल रहे राहत एवं बचाव अभियान के सामने एक और चुनौती खड़ी हो गई है।
नेपाल में 547 लोगों की मौत, 977 लापता

बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल में भारी तबाही हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक:
- 547 लोगों की मौत की पुष्टि
- 977 लोग अब भी लापता
- लापता लोगों में 537 विदेशी नागरिक
- 45 नेपाली सेना के जवान भी लापता
- 41 नेपाल पुलिसकर्मी लापता
कई प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। हालांकि, दोबारा बाढ़ के खतरे के कारण कुछ स्थानों पर रेस्क्यू ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है।
तिब्बत में 5 मौतें, 558 लोग लापता

तिब्बत में भी बाढ़ और भूस्खलन से नुकसान हुआ है। अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 558 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
लापता लोगों में करीब 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं। चीन की ओर से खतरे को देखते हुए राहत अभियान रोककर अलर्ट जारी किया गया है।
कुल 552 मौतें, 1,500 से ज्यादा लोग लापता
नेपाल और तिब्बत में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक कुल 552 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, 1,500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें करीब 178 भारतीय नागरिकों के भी शामिल होने की जानकारी है।
लगातार बदलती परिस्थितियों के बीच प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालना है। नदियों का जलस्तर बढ़ने और नई झील के फटने से खतरा और बढ़ गया है।
बाढ़ के बाद 121 विदेशियों का रेस्क्यू, इनमें भारत के 85 नागरिक
नेपाल पर्यटन बोर्ड के ताजा अपडेट के मुताबिक, भोटेकोशी बाढ़ के बाद अब तक 121 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है।
इनमें 85 भारतीय, 16 चीनी, 9 दक्षिण कोरियाई, 2 अमेरिकी और 2 रूसी नागरिक शामिल हैं।
नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह
नेपाल में भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी के आसपास के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सेना और सुरक्षा बल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे चेतावनी को गंभीरता से लें और नदी, निचले इलाकों तथा संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
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