Karnal Gold Loan Fraud ₹13.50 Lakh Scam : करनाल की पुरानी सब्जी मंडी स्थित मण्णुपुरम गोल्ड लोन फाइनेंस लिमिटेड की ब्रांच में गोल्ड लोन ट्रांसफर कराने के नाम पर 13.50 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 14 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : आरोप है कि एक व्यक्ति ने आईएफएल फाइनेंस में चल रहे अपने गोल्ड लोन को मण्णुपुरम में ट्रांसफर कराने के लिए कंपनी को भरोसे में लिया और लोन की रकम जमा कराने के लिए 13.50 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। रकम वापस उसके खाते में आने के बाद वह कथित तौर पर गायब हो गया। मामले में ब्रांच मैनेजर रोहित कुमार की शिकायत पर थाना शहर करनाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आईएफएल से गोल्ड लोन ट्रांसफर कराने पहुंचा था आरोपी
पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक, अर्बन एस्टेट सेक्टर-7 करनाल निवासी आकाश ब्रांच में पहुंचा था। उसने बताया कि उसका गोल्ड लोन आईएफएल फाइनेंस में चल रहा है और वह उसे मण्णुपुरम में ट्रांसफर करवाना चाहता है।
आकाश ने आईएफएल लोन की क्लोजिंग राशि करीब 13.50 लाख रुपये बताई। इसके बाद लोन ट्रांसफर की प्रक्रिया के तहत कंपनी ने 29 जुलाई 2026 को उसके बताए वर्चुअल अकाउंट में इंडसइंड बैंक के जरिए RTGS से 13.50 लाख रुपये भेजे।
अगले दिन रकम वापस आई, फिर मोबाइल हुआ बंद
शिकायत के अनुसार, 30 जुलाई को किसी कारण से ट्रांसफर की गई रकम वापस आकाश के खाते में पहुंच गई। इसके बाद कंपनी के कर्मचारियों ने जब उससे संपर्क करने की कोशिश की तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया।

कुछ समय बाद उसका मोबाइल भी बंद मिला। कंपनी के कर्मचारियों ने उसी दिन उसके घर जाकर जानकारी लेने की कोशिश की। वहां परिवार के सदस्यों ने बताया कि आकाश सुबह घर से निकल गया था और वापस नहीं लौटा। इसके बाद कंपनी की ओर से पुलिस को शिकायत देकर 13.50 लाख रुपये की रकम वापस दिलाने और मामले में कार्रवाई की मांग की गई।
जांच में सामने आए गोल्ड लोन और बैंकिंग दस्तावेज
पुलिस जांच के दौरान शिकायत के साथ कई दस्तावेज सामने आए। इनमें चेक, बाउंस चेक, ऑनलाइन बैंक स्टेटमेंट, कंपनी और आरोपी के बीच हुआ समझौता, घर पर की गई विजिट की तस्वीरें और आईएफएल फाइनेंस में गिरवी रखे गए सोने से संबंधित पर्चियां शामिल थीं। इसके अलावा आधार कार्ड और पैन कार्ड की प्रतियां भी पुलिस को उपलब्ध कराई गईं।
नोटिस के बावजूद जांच में शामिल नहीं हुआ आरोपी
जांच अधिकारी एएसआई बलवान सिंह ने मामले से जुड़े दोनों पक्षों को नोटिस जारी किए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी आकाश को कई बार जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया गया, लेकिन वह जांच में शामिल नहीं हुआ। वहीं शिकायतकर्ता रोहित कुमार थाने पहुंचा और पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया।
पुलिस के मुताबिक रकम मिलने के बाद छुड़ाया सोना
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आकाश ने कथित तौर पर कंपनी को यह भरोसा दिलाया था कि उसके खाते में 13.50 लाख रुपये ट्रांसफर होने के बाद वह आईएफएल फाइनेंस का बकाया चुकाकर वहां गिरवी रखा सोना छुड़ाएगा और फिर उस सोने को मण्णुपुरम में जमा कर देगा।

पुलिस का आरोप है कि रकम मिलने के बाद उसने आईएफएल में भुगतान कर अपना गिरवी रखा सोना छुड़ा लिया। इसके बाद उसने न तो कंपनी को इसकी जानकारी दी और न ही कर्मचारियों से संपर्क किया।
आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज, गिरफ्तारी की तैयारी
पुलिस ने उपलब्ध शिकायत और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
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