Haryana Ayushman Hospitals Strike Today : छह महीने से भुगतान नहीं मिलने पर IMA ने खोला मोर्चा, हिसार के निजी अस्पतालों का करीब ₹250 करोड़ और पूरे हरियाणा में ₹1,200 करोड़ बकाया होने का दावा; मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी

Written by Kajal Panchal • Published on : 1 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए आज परेशानी बढ़ सकती है। योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के संचालकों ने बकाया भुगतान न मिलने के विरोध में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के आह्वान पर 1 सितंबर को प्रदेश के 400 से अधिक निजी अस्पतालों में सांकेतिक हड़ताल रखी गई है।
हड़ताल के दौरान इन अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाली कैशलेस इलाज की सुविधा प्रभावित रहेगी। अस्पताल संचालकों का आरोप है कि राज्य सरकार ने पिछले करीब छह महीनों से आयुष्मान योजना के तहत बजट जारी नहीं किया है।
हिसार में ₹250 करोड़, पूरे प्रदेश में ₹1,200 करोड़ बकाया

IMA के हिसार जिलाध्यक्ष डॉ. गुरनीश सिंह के मुताबिक, लंबे समय से भुगतान अटका होने के कारण निजी अस्पताल गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। उनका दावा है कि अकेले हिसार जिले के अस्पतालों का करीब ₹250 करोड़ भुगतान बकाया है, जबकि पूरे हरियाणा में आयुष्मान योजना से जुड़े निजी अस्पतालों का लगभग ₹1,200 करोड़ भुगतान लंबित है।
अस्पताल संचालकों का कहना है कि लगातार भुगतान नहीं मिलने से दवाइयों की खरीद, अस्पताल संचालन और कर्मचारियों के वेतन पर असर पड़ रहा है। इसी के चलते उन्होंने सरकार का ध्यान इस समस्या की ओर खींचने के लिए सांकेतिक हड़ताल का फैसला लिया है।
मरीजों के सामने क्या विकल्प ?
निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत कैशलेस इलाज प्रभावित होने से सबसे ज्यादा परेशानी योजना के लाभार्थियों को हो सकती है। ऐसे मरीजों को इलाज के लिए या तो निजी अस्पताल में भुगतान करके इलाज कराना पड़ सकता है, या फिर सरकारी अस्पतालों का रुख करना होगा।

गंभीर बीमारियों और सुपर-स्पेशलिटी इलाज के लिए बड़ी संख्या में मरीज निजी अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में निजी अस्पतालों में आयुष्मान सेवाएं प्रभावित होने से सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का अतिरिक्त दबाव बढ़ने की आशंका है।
हिसार में 40 सरकारी और 84 निजी अस्पताल योजना से जुड़े
हिसार जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत कुल 124 अस्पताल सूचीबद्ध हैं। इनमें 40 सरकारी और 84 निजी अस्पताल शामिल हैं।
निजी अस्पतालों की हड़ताल को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट किया है, ताकि मरीजों को इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों को किया अलर्ट
आयुष्मान भारत योजना, हिसार के जिला नोडल अधिकारी (DNO) डॉ. मनीष पूनिया ने बताया कि मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए जिले के सभी 40 सरकारी अस्पतालों और अग्रोहा मेडिकल कॉलेज को अलर्ट पर रखा गया है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से निजी अस्पताल संचालकों से भी मरीज हित में अपील की गई है कि वे आपातकालीन और कैशलेस सेवाओं को बाधित न करें और आयुष्मान योजना के तहत इलाज की सुविधा जारी रखें।
अस्पताल संचालकों और सरकार के बीच भुगतान को लेकर विवाद
निजी अस्पताल संचालकों का कहना है कि आयुष्मान योजना के तहत इलाज करने के बाद समय पर भुगतान नहीं मिलने से अस्पतालों की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो रही है।
अस्पतालों के मुताबिक, जब लंबे समय तक करोड़ों रुपये का भुगतान अटका रहता है तो दवाइयां, मेडिकल सामान, कर्मचारियों का वेतन और रोजमर्रा के संचालन का खर्च संभालना मुश्किल हो जाता है।
अब सभी की नजर सरकार और निजी अस्पताल संचालकों के बीच होने वाली बातचीत पर है। अगर बकाया भुगतान को लेकर जल्द समाधान नहीं निकला, तो आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को आगे भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
आयुष्मान कार्ड वालों के लिए आज क्यों जरूरी है यह खबर ?

अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड है और आप आज निजी अस्पताल में कैशलेस इलाज कराने जा रहे हैं, तो अस्पताल जाने से पहले वहां आयुष्मान योजना की सेवा उपलब्ध होने की पुष्टि जरूर कर लें। निजी अस्पतालों की सांकेतिक हड़ताल के चलते सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
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