Aniruddhacharya in Karnal : हरियाणा के करनाल जिले के तरावड़ी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने श्रद्धालुओं के कई सवालों के जवाब दिए। कथा के दौरान लोगों ने बीमारी, प्रेतबाधा, वैवाहिक विवाद, संतान नहीं होने और धार्मिक मान्यताओं से जुड़े सवाल पूछे। अनिरुद्धाचार्य ने कई सवालों के जवाब देते हुए अंधविश्वास से बचने, परिवार में प्रेम और संवाद बनाए रखने तथा भगवान की भक्ति पर जोर दिया।

Written by Kajal Panchal • Published on : 11 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : कथा के दौरान हरियाणा के एक कथित संत द्वारा सनातन धर्म पर सवाल उठाए जाने से जुड़े सवाल पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि कुछ लोगों को एक समुदाय के लोग फंडिंग करते हैं, ताकि सनातनियों को ही सनातन धर्म के खिलाफ खड़ा किया जा सके। उन्होंने ऐसे लोगों को सनातन का शत्रु बताया।
‘सनातनियों को सनातन के खिलाफ करने की कोशिश’
अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि सनातन धर्म के खिलाफ बोलने वाले लोगों के पीछे कथित तौर पर फंडिंग का खेल हो सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सनातनियों को ही सनातन के खिलाफ करने का प्रयास करते हैं। उनके मुताबिक ऐसे लोगों से सनातन समाज को सावधान रहने की जरूरत है।

हालांकि, उनके इस बयान को उनके कथन के रूप में ही देखा जाना चाहिए और इससे जुड़े किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि यहां नहीं की गई है।
बकरे की बलि के सवाल पर बोले- ‘बलि बकरे की नहीं, अहंकार की दें’
कथा के दौरान एक श्रद्धालु ने बकरे की बलि को लेकर सवाल किया। इसके जवाब में अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि बलि किसी जीव की नहीं बल्कि अपने अहंकार की देनी चाहिए।
उन्होंने लोगों को धार्मिक आस्था के साथ अपने व्यवहार और विचारों में भी बदलाव लाने का संदेश दिया। उनके अनुसार व्यक्ति को अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और नकारात्मकता को खत्म करने का प्रयास करना चाहिए।
शेर मांस क्यों खाता है ? श्रद्धालु के सवाल पर दिया मजेदार जवाब
एक साधक ने सवाल किया कि मांस खाने के बाद मंदिर जाने से पाप लगता है, लेकिन माता दुर्गा शेर की सवारी करती हैं और शेर मांस खाता है। ऐसे में शेर के मांस खाने को कैसे देखा जाए?
इस पर अनिरुद्धाचार्य ने मजाकिया अंदाज में कहा कि “ये तो शेर से ही पूछो कि क्यों खाता है, कभी मिले तो पूछना।” उन्होंने शेर को बल का प्रतीक बताते हुए कहा कि सभी को बलवान होना चाहिए।
पत्नी की बीमारी को प्रेतबाधा बताने पर बोले- ‘कौन से प्रेत हैं, ब्रांडेड या चाइनीज ?’
कथा के दौरान एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी पत्नी करीब दो साल से बीमार है। उसने कहा कि डॉक्टर को दिखाने के बाद उसे प्रेतबाधा होने की बात कही गई और वह इसका समाधान जानना चाहता है।

इस सवाल पर अनिरुद्धाचार्य ने व्यंग्यात्मक अंदाज में पूछा कि “कौन से प्रेत हैं, ब्रांडेड या चाइनीज?” इसके बाद उन्होंने व्यक्ति को प्रेतबाधा के चक्कर में पड़ने के बजाय भगवान की शरण लेने की सलाह दी। उन्होंने नारायण कवच का पाठ करने की बात कही और लोगों को अंधविश्वास में फंसने से बचने का संदेश दिया।
वैवाहिक विवाद और संतान से जुड़े सवालों पर भी दिए जवाब
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने वैवाहिक जीवन और संतान से जुड़े व्यक्तिगत सवाल भी पूछे। अनिरुद्धाचार्य ने रिश्तों में प्रेम, आपसी समझ और संवाद को महत्वपूर्ण बताया।
वहीं, संतान नहीं होने के कारण समाज के तानों से परेशान एक महिला को उन्होंने भक्ति को किसी सांसारिक इच्छा से जोड़कर नहीं देखने की सलाह दी। उन्होंने समझाया कि भक्ति का उद्देश्य केवल किसी सांसारिक इच्छा की पूर्ति नहीं होना चाहिए।
अंधविश्वास से दूर रहने का दिया संदेश
कथा के दौरान पूछे गए सवालों के जवाब में अनिरुद्धाचार्य ने कई बार लोगों को अंधविश्वास और डर के बजाय भगवान की भक्ति, सकारात्मक सोच और सही मार्ग अपनाने की सलाह दी। बीमारी जैसी परिस्थितियों में चिकित्सकीय सलाह को नजरअंदाज करने के बजाय उचित उपचार लेने का महत्व भी समझना जरूरी है।
तरावड़ी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान अनिरुद्धाचार्य के इन जवाबों को लेकर श्रद्धालुओं में चर्चा रही। खासकर सनातन धर्म पर कथित हमले, बलि और प्रेतबाधा से जुड़े उनके जवाब चर्चा में रहे।
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