Aniruddhacharya on Sant Rampal : जिले के तरावड़ी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने सनातन धर्म, संत रामपाल, बलि प्रथा और पारिवारिक विवाद समेत कई मुद्दों पर श्रद्धालुओं के सवालों के जवाब दिए। इसी दौरान एक श्रद्धालु ने संत रामपाल और उनके अनुयायियों द्वारा भगवान राम, भगवान कृष्ण और सनातन धर्म को लेकर कथित तौर पर की जाने वाली टिप्पणियों का जिक्र करते हुए पूछा कि ऐसे मामलों में संविधान में क्या प्रावधान हैं और कार्रवाई कैसे हो सकती है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 11 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : इस सवाल के जवाब में अनिरुद्धाचार्य ने संत रामपाल का नाम लेते हुए उन्हें ‘सनातन का शत्रु’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों को क्रिश्चियन धर्म से फंडिंग मिलती है और दूसरे लोगों के माध्यम से सनातन धर्म के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की जाती है। हालांकि, उन्होंने अपने इस आरोप के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
‘आजकल 8वां अजूबा धरती पर आया’
अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि सनातन धर्म को सबसे श्रेष्ठ बताते हुए आज के समय में एक ऐसा व्यक्ति सामने आया है, जिसे उन्होंने ‘आठवां अजूबा’ बताया। उन्होंने संत रामपाल और उनके सेवादारों पर भगवान शिव, भगवान कृष्ण और भगवान राम के बारे में गलत बातें कहने का आरोप लगाया।

श्रद्धालु के सवाल पर उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो या बयान को लेकर कार्रवाई होती है, तो समान परिस्थितियों में दूसरे पक्ष के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
‘इनके एजेंडे से हमें बचना चाहिए’
अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि कुछ लोग सीधे तौर पर सनातन धर्म का विरोध नहीं कर सकते, इसलिए दूसरे लोगों के माध्यम से सनातन के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि “क्रिश्चियन लोगों की फंडिंग इन लोगों को मिल जाती है” और इसी वजह से सनातन धर्म का विरोध किया जाता है। उन्होंने ऐसे लोगों को सनातन का शत्रु बताते हुए श्रद्धालुओं से उनके कथित एजेंडे से बचने की अपील की।
बकरे की बलि पर बोले- ‘अहंकार की बलि दो’
कथा के दौरान एक श्रद्धालु ने पूजा में बकरे की बलि देने की परंपरा को लेकर सवाल किया। उसने पूछा कि क्या बकरे की जगह पेठा, कद्दू या नींबू की बलि दी जा सकती है।

इस पर अनिरुद्धाचार्य ने बकरे की बलि का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यदि बलि देनी ही है तो अपने अहंकार की बलि देनी चाहिए। उन्होंने जीव हत्या से बचने की बात कही और पूजा में कद्दू या नारियल चढ़ाने की सलाह दी।
जमीन विवाद पर बोले- बातचीत से निकालें समाधान
कार्यक्रम में एक श्रद्धालु ने पारिवारिक जमीन को लेकर भी सवाल किया। उसने बताया कि जमीन उसकी मां के नाम है, लेकिन परिवार के अन्य सदस्य भी उस पर अपना अधिकार जता रहे हैं।

इस पर अनिरुद्धाचार्य ने परिवार के सदस्यों को आपस में बैठकर बातचीत करने और सहमति से विवाद सुलझाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पारिवारिक मामलों को बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जाना चाहिए, ताकि विवाद आगे न बढ़े।
विवादित आरोपों को लेकर क्या कहा गया ?
अनिरुद्धाचार्य द्वारा संत रामपाल और उनके अनुयायियों को लेकर लगाए गए फंडिंग संबंधी आरोप उनके बयान के तौर पर सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज या स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। इसलिए इन दावों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
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