Zomato New Charges : अगर आप ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने के लिए जोमैटो का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है। जोमैटो से खाना मंगवाना अब थोड़ा महंगा पड़ सकता है। कंपनी ने कुछ यूजर्स के लिए ‘पे ऑन डिलीवरी फीस’ (Pay on Delivery Fee) लागू की है। यानी अगर आप ऑर्डर के समय ऑनलाइन पेमेंट करने के बजाय डिलीवरी के वक्त कैश में भुगतान करते हैं, तो आपको अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 12 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : जानकारी के मुताबिक, यह शुल्क कुछ यूजर्स के बिल में ₹5 से लेकर ₹20 तक अलग-अलग दिखाई दे रहा है। यह चार्ज बिल समरी में ‘पे ऑन डिलीवरी फीस’ के नाम से जोड़ा जा रहा है। वहीं, जो ग्राहक UPI, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग जैसे डिजिटल माध्यमों से पहले ही भुगतान कर देते हैं, उन्हें यह अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
प्लेटफॉर्म और डिलीवरी चार्ज के अलावा लगेगा नया शुल्क
जोमैटो का ‘पे ऑन डिलीवरी फीस’ चार्ज बाकी शुल्कों से अलग है। यानी ग्राहक को पहले से लगने वाले प्लेटफॉर्म फीस, डिलीवरी चार्ज, रेस्टोरेंट पैकेजिंग चार्ज और GST के अलावा यह अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ सकता है।

इसका मतलब है कि अगर कोई ग्राहक कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुनता है, तो उसके खाने के कुल बिल में एक और शुल्क जुड़ जाएगा।
कैश पेमेंट करने वालों की जेब पर पड़ेगा असर
फूड डिलीवरी कंपनियों के लिए डिजिटल पेमेंट आसान और कम लागत वाला विकल्प माना जाता है। ऐसे में कैश ऑन डिलीवरी पर अलग शुल्क लगाने से ग्राहकों को ऑनलाइन पेमेंट की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।
हालांकि, यह चार्ज सभी यूजर्स के बिल में समान है या नहीं, यह ऑर्डर और यूजर के हिसाब से अलग हो सकता है। इसलिए ऑर्डर कन्फर्म करने से पहले बिल की पूरी डिटेल देखना जरूरी है।
छोटे चार्ज से जोमैटो की बड़ी कमाई का अनुमान
जोमैटो पर हर दिन लाखों ऑर्डर किए जाते हैं। ऐसे में अगर बड़ी संख्या में ग्राहक कैश ऑन डिलीवरी का इस्तेमाल करते हैं, तो प्रति ऑर्डर कुछ रुपये का अतिरिक्त शुल्क भी कंपनी के लिए बड़ी रकम बन सकता है।

मसलन, अगर किसी दिन 25 लाख ऑर्डर पर औसतन ₹5 का अतिरिक्त शुल्क लिया जाए, तो यह रकम करीब ₹1.25 करोड़ प्रतिदिन बैठती है। हालांकि, यह सिर्फ गणितीय अनुमान है और वास्तविक कमाई इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने ग्राहक कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुनते हैं और उन पर कितना शुल्क लागू होता है।
₹2 से शुरू हुई थी प्लेटफॉर्म फीस
फूड डिलीवरी ऐप्स पर प्लेटफॉर्म फीस बढ़ने का सिलसिला पिछले कुछ वर्षों में लगातार देखने को मिला है। अप्रैल 2023 में जोमैटो और स्विगी की ओर से करीब ₹2 प्लेटफॉर्म फीस से शुरुआत की गई थी।
इसके बाद यह शुल्क कई बार बढ़ाया गया और अब कुछ मामलों में प्लेटफॉर्म फीस करीब ₹14.99 प्रति ऑर्डर, इसके ऊपर GST के साथ, पहुंच चुकी है। यानी ग्राहक को खाने की कीमत के अलावा प्लेटफॉर्म फीस, डिलीवरी फीस, पैकेजिंग चार्ज और टैक्स जैसे कई अलग-अलग शुल्क चुकाने पड़ते हैं।
Swiggy पर फिलहाल ऐसा चार्ज नहीं

जोमैटो के इस कदम के बीच ग्राहकों के लिए एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि स्विगी ने फिलहाल इसी तरह की ‘पे ऑन डिलीवरी फीस’ लागू नहीं की है। ऐसे में फूड डिलीवरी मार्केट में दोनों प्रमुख कंपनियों के चार्ज स्ट्रक्चर को लेकर ग्राहकों की नजर बनी हुई है।
फूड डिलीवरी मार्केट में बढ़ रहा मुकाबला
देश में फूड डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स सेक्टर में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। स्थापित कंपनियों के अलावा नए प्लेटफॉर्म भी इस बाजार में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे माहौल में कंपनियों के सामने एक तरफ ग्राहकों को आकर्षक कीमत और ऑफर देने की चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ कारोबार को ज्यादा मुनाफेदार बनाने का दबाव भी है। अलग-अलग फीस और सर्विस चार्ज इसी रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।
Zomato पर ऑर्डर करने से पहले इन चीजों पर दें ध्यान

अगर आप जोमैटो से खाना ऑर्डर करते हैं, तो पेमेंट करने से पहले बिल को ध्यान से जरूर चेक करें। खासकर इन चार्ज को देखें:
- प्लेटफॉर्म फीस
- डिलीवरी चार्ज
- पैकेजिंग चार्ज
- GST
- पे ऑन डिलीवरी फीस
- अन्य अतिरिक्त शुल्क
ऑनलाइन पेमेंट करने पर ‘पे ऑन डिलीवरी फीस’ से बचने का विकल्प मिल सकता है, लेकिन ऑर्डर कन्फर्म करने से पहले अपने ऐप में दिखाई जा रही अंतिम बिल राशि जरूर जांच लें।
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