Karnal Government School SDM Raid : हरियाणा के करनाल जिले के घरौंडा क्षेत्र के बरसत गांव स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब स्कूल की घंटी बजते ही एसडीएम राजेश कुमार सोनी औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। उन्होंने सबसे पहले शिक्षकों की उपस्थिति जांची और फिर सीधे कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों के बीच बेंच पर बैठ गए।

Written by Kajal Panchal • Published on : 1 August 2026
IBN24 News Network : इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई का स्तर परखा, मिड डे मील की गुणवत्ता देखी और स्कूल की मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण में कई ऐसी बातें सामने आईं, जिन पर अब प्रशासन कार्रवाई की तैयारी में है।
बच्चों के बीच बैठकर परखी पढ़ाई
एसडीएम सबसे पहले छठी कक्षा में पहुंचे, जहां शिक्षक पढ़ाई करवा रहे थे। उन्होंने बच्चों के साथ बेंच पर बैठकर पढ़ाई का तरीका देखा और विद्यार्थियों से किताब पढ़वाई। विषय से जुड़े सवाल पूछकर यह जाना कि बच्चे पढ़ाई को कितनी अच्छी तरह समझ रहे हैं।

इसके बाद वह छठी कक्षा के दूसरे सेक्शन में पहुंचे, जहां बच्चों ने संतुलित आहार विषय पर लघु नाटिका प्रस्तुत की। इसके बाद सातवीं से लेकर बारहवीं तक सभी कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सवाल पूछे और उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा। साथ ही बच्चों से उनके भविष्य के सपनों के बारे में भी बातचीत की। कई विद्यार्थियों ने डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और पुलिस इंस्पेक्टर बनने की इच्छा जताई।
पंजाबी की कक्षा में विद्यार्थियों को “मुझे गुस्सा क्यों आता है” विषय पर अपने विचार लिखने के लिए कहा गया, जबकि अंग्रेजी की कक्षा में “हमें कड़ी मेहनत क्यों करनी चाहिए” विषय पर लेखन कराया गया।
सुबह 8:05 बजे ही पहुंच गए स्कूल
एसडीएम सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर स्कूल पहुंच गए। उन्होंने सबसे पहले प्रधानाचार्य कार्यालय में जाकर शिक्षकों का उपस्थिति रजिस्टर अपने कब्जे में लिया और उपस्थिति की जांच की। कुछ शिक्षक अवकाश पर थे, जबकि बाकी शिक्षक स्कूल में मौजूद मिले। हालांकि कुछ शिक्षक और विद्यार्थी निर्धारित समय से थोड़ी देर बाद स्कूल पहुंचे।
जब देरी का कारण पूछा गया तो बच्चों ने बताया कि कई विद्यार्थी डेरा संजयनगर और आसपास के डेरों से पैदल स्कूल आते हैं, इसलिए उन्हें समय लग जाता है। कुछ बच्चों ने यह भी बताया कि वे बिना नाश्ता किए स्कूल पहुंचते हैं। इस पर एसडीएम ने बच्चों को समय पर स्कूल आने के लिए प्रेरित किया और संबंधित समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया।
मिड डे मील में सामने आईं कई कमियां
निरीक्षण के दौरान मिड डे मील की गुणवत्ता को लेकर भी कई शिकायतें सामने आईं। बच्चों ने बताया कि पहले दूध और चावल से बनने वाली खीर उन्हें पसंद आती थी, लेकिन अब मिलने वाली इंस्टेंट खीर स्वादिष्ट नहीं होती।

इसके अलावा दाल, राजमा और चने ठीक से नहीं गलने तथा सब्जी की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें मिलीं। मिड डे मील प्रभारी ने बताया कि अब राशन एक एग्रो कंपनी के माध्यम से आता है, जिसकी गुणवत्ता पहले जैसी नहीं है। उन्होंने पुरानी व्यवस्था फिर से लागू करने की मांग की, जिसमें स्कूल स्तर पर ही सामग्री खरीदी जाती थी। एसडीएम ने इस मामले को संबंधित विभाग तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
जूते, भोजन और बिजली की समस्या भी आई सामने
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई बच्चों के पैरों में जूते नहीं थे। एसडीएम ने कहा कि जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए सामाजिक सहयोग से जूतों की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा।
साथ ही उन्होंने कहा कि जो बच्चे बिना खाना खाए स्कूल आते हैं, उनके लिए भी सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। स्कूल प्रबंधन ने परिसर में सोलर लाइट लगाने की मांग रखी, ताकि बिजली कटौती के दौरान पढ़ाई प्रभावित न हो। एसडीएम ने इस संबंध में संबंधित विभाग से बात करने का भरोसा दिया।
सफाई और अन्य सुविधाओं की भी हुई जांच
निरीक्षण केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहा। एसडीएम ने पूरे स्कूल परिसर का निरीक्षण कर शौचालयों की स्थिति, कक्षाओं की साफ-सफाई, बिजली व्यवस्था और वेंटिलेशन की भी जांच की। जहां भी कमियां मिलीं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
उन्होंने सुबह की प्रार्थना सभा की सराहना करते हुए योग, पीटी और अन्य शारीरिक गतिविधियों को नियमित रूप से शामिल करने के निर्देश भी दिए। उनका कहना था कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ खेल और योग भी जरूरी हैं।
पहले भी कर चुके हैं कई स्कूलों का निरीक्षण
एसडीएम राजेश कुमार सोनी इससे पहले भी कोहंड और लालूपुरा सहित कई सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण कर चुके हैं। बरसत गांव के स्कूल में किया गया निरीक्षण भी इसी अभियान का हिस्सा था, ताकि सरकारी स्कूलों में शिक्षा और सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
निरीक्षण के बाद एसडीएम ने कहा कि बच्चों की शिक्षा के स्तर के साथ-साथ मिड डे मील और अन्य व्यवस्थाओं में जो कमियां सामने आई हैं, उनकी रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चों के लिए जूतों की व्यवस्था कराने और बिना भोजन के स्कूल आने वाले विद्यार्थियों के लिए भी सरकार को सुझाव भेजे जाएंगे। उनका कहना था कि सभी बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए बेहतर शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
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