PM Modi Highlights 7.8% GDP Growth : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की 7.8% आर्थिक विकास दर पर देशवासियों को बधाई देते हुए एक बार फिर गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील की है। पीएम ने कहा कि वैश्विक स्तर पर युद्ध और संकट के बावजूद भारत ने तेज आर्थिक विकास हासिल किया है। उन्होंने इसे देशवासियों की इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का परिणाम बताया।

Written by Kajal Panchal • Published on : 1 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : पीएम मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि भारत को विकास की यही रफ्तार आगे भी बनाए रखनी होगी। उन्होंने लोगों से स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर देने की अपील भी की।
पीएम बोले- जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदना चाहिए
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर सोने की जरूरत न हो तो उसकी खरीदारी से बचना चाहिए। यह पहली बार नहीं है जब पीएम ने इस तरह की अपील की है। इससे पहले 11 मई को भी उन्होंने देशवासियों से गैर-जरूरी सोना न खरीदने की अपील की थी। पीएम की इस अपील का सीधा संबंध भारत के बढ़ते गोल्ड इम्पोर्ट और उससे होने वाले विदेशी मुद्रा खर्च से है। भारत अपनी घरेलू जरूरत का करीब 99% सोना विदेशों से आयात करता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया युद्ध और वैश्विक संकटों से घिरी हुई है। इन चुनौतियों के बावजूद भारत ने 7.8% की आर्थिक विकास दर हासिल की है। उन्होंने इसे देशवासियों की मेहनत और सामूहिक ताकत का परिणाम बताया। पीएम ने कहा कि भारत को विकास की इस रफ्तार को बनाए रखना होगा और आने वाले समय में और तेजी से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने देशवासियों से विदेश घूमने और विदेश में शादी करने जैसी गतिविधियों पर होने वाले खर्च को कम करने तथा मेक इन इंडिया के मंत्र के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
पीएम ने आत्मनिर्भर भारत पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि जितना ज्यादा देश स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर देगा, भारत उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि जब भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब देश की युवा पीढ़ी को एक विकसित भारत सौंपा जाएगा। हालांकि, पीएम ने देश के भीतर भी कुछ लोगों पर निराशा फैलाने और झूठ के सहारे माहौल खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद भारत ने 7.8% की ग्रोथ हासिल की है।
भारत सोने की अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से पूरा करता है। इसलिए जब देश में सोने का आयात बढ़ता है तो इसके बदले बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। 2025-26 में भारत का गोल्ड इम्पोर्ट बिल करीब 6.4 लाख करोड़ रुपए रहा। विदेशों से खरीदे जाने वाले सामान पर होने वाले कुल खर्च में सोने की करीब 9% हिस्सेदारी रही। यानी सोने की कीमत और आयात की मात्रा दोनों ही भारत के आयात बिल पर सीधा असर डालते हैं।
कम सोना खरीदा, फिर भी इम्पोर्ट बिल बढ़ा
2025-26 में भारत ने पिछले कारोबारी साल की तुलना में करीब 4.76% कम सोना खरीदा। इसके बावजूद सोने के आयात पर होने वाला खर्च करीब 24% बढ़ गया। इसकी बड़ी वजह सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी रही।
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सोने की कीमत करीब 76 हजार डॉलर प्रति किलो से बढ़कर 1 लाख डॉलर प्रति किलो तक पहुंच गई। फिलहाल कीमत करीब 1.52 लाख डॉलर प्रति किलो बताई जा रही है। ऐसे में कम मात्रा में सोना खरीदने पर भी भारत को पहले की तुलना में ज्यादा विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ रही है।
भारत में सोने की खरीदारी लगातार महंगी हो रही
अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। भारत में सोने की कीमत 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम से ज्यादा बताई जा रही है। महंगा सोना खरीदने का सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है। दूसरी ओर, ऊंची कीमतों के कारण गोल्ड इम्पोर्टर्स भी खरीदारी कम कर रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनवरी में करीब 100 टन, फरवरी में लगभग 65 टन और मार्च में करीब 22 टन सोना आयात किया गया। अप्रैल में यह आंकड़ा करीब 15 टन रहने का अनुमान जताया गया था।
निवेश के लिए सोने की मांग बढ़ी

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक 2026 की पहली तिमाही में भारत में निवेश के लिए सोने की मांग गहनों की मांग से ज्यादा रही। इसका मतलब है कि सोना सिर्फ आभूषण के तौर पर ही नहीं, बल्कि निवेश के विकल्प के रूप में भी बड़ी संख्या में खरीदा जा रहा है। सोने की कीमतों में तेजी के बीच निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी से देश में गोल्ड इम्पोर्ट और विदेशी मुद्रा खर्च पर भी असर पड़ सकता है।
सोना न खरीदने से रुपये और विदेशी मुद्रा भंडार पर क्या असर पड़ेगा ?
सरल शब्दों में समझें तो भारत को विदेशों से सोना खरीदने के लिए डॉलर जैसी विदेशी मुद्रा का इस्तेमाल करना पड़ता है। अगर सोने की खरीदारी कम होती है तो भारत का गोल्ड इम्पोर्ट बिल कम हो सकता है। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व पर दबाव घट सकता है।
इसके अलावा डॉलर की मांग कम होने से रुपये पर पड़ने वाला दबाव भी कुछ हद तक कम हो सकता है। इसी वजह से प्रधानमंत्री लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने और देश की अर्थव्यवस्था में घरेलू उत्पादन व स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील कर रहे हैं।
PM की अपील का संदेश क्या है ?
प्रधानमंत्री की अपील का मूल संदेश यह है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारत को अपने आयात खर्च को नियंत्रित करने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की जरूरत है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर के आसपास हैं और भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना विदेशों से खरीदता है। ऐसे में गैर-जरूरी खरीदारी कम होने से देश के आयात बिल और विदेशी मुद्रा खर्च में कमी आ सकती है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या ऊंची कीमतों के बीच भारतीय उपभोक्ता सोने की खरीदारी कम करेंगे और क्या इससे देश के गोल्ड इम्पोर्ट बिल पर वास्तविक असर पड़ेगा?
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