Top 5 Uncommon Investing Mistakes : निवेश (Investment) आपके पैसे को लंबे समय में बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। ज्यादातर लोग जानते हैं कि जल्दी निवेश शुरू करना चाहिए, अपने पैसे को अलग-अलग जगह निवेश करना चाहिए और भावनाओं में आकर फैसले नहीं लेने चाहिए।

Written by Gurleen kaur • Published on : 30 July 2026
IBN24 NEWS NETWORK : लेकिन कुछ ऐसी गलतियां भी होती हैं जिन पर लोग ज्यादा ध्यान नहीं देते। यही छोटी-छोटी गलतियां समय के साथ आपके रिटर्न को कम कर सकती हैं और आपके वित्तीय लक्ष्यों को पूरा होने में देरी कर सकती हैं। अगर आप नए निवेशक हैं या कई सालों से निवेश कर रहे हैं, तो इन गलतियों से बचना आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।
1. बिना किसी स्पष्ट लक्ष्य के निवेश करना

बहुत से लोग सिर्फ इसलिए निवेश शुरू कर देते हैं क्योंकि उनके दोस्त, रिश्तेदार या सोशल मीडिया पर लोग ऐसा कर रहे होते हैं। लेकिन वे यह नहीं सोचते कि आखिर वे निवेश क्यों कर रहे हैं।
अगर आपका कोई स्पष्ट लक्ष्य नहीं है, तो बाजार गिरने पर आप घबरा सकते हैं, बार-बार निवेश बदल सकते हैं या जरूरत से पहले पैसा निकाल सकते हैं।
निवेश शुरू करने से पहले तय करें कि आपका उद्देश्य क्या है।
जैसे—
- रिटायरमेंट के लिए बचत
- घर खरीदना
- बच्चों की पढ़ाई
- भविष्य की कोई बड़ी योजना
हर लक्ष्य के लिए निवेश का तरीका अलग हो सकता है।
अगर आपका लक्ष्य कम समय का है, तो सुरक्षित निवेश बेहतर हो सकता है। वहीं लंबे समय के लक्ष्य के लिए ऐसे निवेश चुने जा सकते हैं जिनमें उतार-चढ़ाव हो, क्योंकि आपके पास समय होता है।
स्पष्ट लक्ष्य होने से आप सही फैसले लेते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव में भी धैर्य बनाए रखते हैं।
2. छोटे-छोटे शुल्क (Fees) को नजरअंदाज करना

कई निवेशक अच्छे फंड या शेयर खोजने में घंटों लगा देते हैं, लेकिन यह नहीं देखते कि उस निवेश पर कितनी फीस देनी पड़ रही है।
मान लीजिए किसी निवेश पर हर साल 1% फीस लगती है। शुरुआत में यह बहुत कम लग सकती है, लेकिन 20 या 30 साल बाद यही फीस आपके लाखों रुपये के संभावित रिटर्न को कम कर सकती है।
इन खर्चों पर हमेशा ध्यान दें—
- ब्रोकरेज चार्ज
- ट्रांजैक्शन फीस
- एक्सपेंस रेशियो
- एडवाइजरी फीस
ये सभी खर्च हर साल आपके मुनाफे को थोड़ा-थोड़ा कम करते रहते हैं।
इसलिए निवेश करने से पहले अलग-अलग विकल्पों की तुलना जरूर करें। कम फीस हमेशा बेहतर निवेश की गारंटी नहीं होती, लेकिन जरूरत से ज्यादा फीस देना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है।
3. अपने निवेश से भावनात्मक लगाव बना लेना

अगर किसी शेयर या फंड ने आपको अच्छा रिटर्न दिया है, तो उससे लगाव होना स्वाभाविक है। लेकिन यही गलती कई निवेशकों को नुकसान पहुंचाती है।
कुछ लोग घाटे वाले शेयर सिर्फ इस उम्मीद में पकड़े रहते हैं कि वे एक दिन जरूर ऊपर जाएंगे। वहीं कुछ लोग केवल इसलिए बार-बार उसी कंपनी में निवेश करते रहते हैं क्योंकि उन्हें उसका ब्रांड पसंद है।
याद रखें, शेयर बाजार भावनाओं से नहीं बल्कि सही फैसलों से चलता है।
समय-समय पर खुद से ये सवाल पूछें—
- क्या यह निवेश अभी भी मेरे लक्ष्य के अनुसार है?
- क्या कंपनी की स्थिति पहले जैसी है?
- अगर आज मेरे पास यह निवेश न होता, तो क्या मैं इसे खरीदता?
अगर जवाब “नहीं” है, तो अपने निवेश पर दोबारा विचार करना चाहिए।
हमेशा निवेश को भावनाओं से नहीं, बल्कि सोच-समझकर लिए गए वित्तीय फैसले के रूप में देखें।
4. किसी और का पोर्टफोलियो कॉपी करना

आज सोशल मीडिया पर हर दिन कोई न कोई निवेश की सलाह देता दिखाई देता है। कई लोग बिना सोचे-समझे किसी इन्फ्लुएंसर, यूट्यूबर या सेलिब्रिटी का पोर्टफोलियो कॉपी कर लेते हैं।
लेकिन यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है।
क्योंकि हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अलग होती है।
जैसे—
- उसकी आय अलग हो सकती है।
- जोखिम उठाने की क्षमता अलग हो सकती है।
- निवेश की अवधि अलग हो सकती है।
- उसे पेशेवर सलाह मिल रही हो सकती है।
जो निवेश किसी और के लिए सही है, जरूरी नहीं कि वह आपके लिए भी सही हो।
दूसरों की सलाह से सीखें, लेकिन निवेश करने से पहले यह जरूर जांचें कि वह आपके लक्ष्य और जरूरतों के अनुसार है या नहीं।

5. अपने निवेश की समय-समय पर समीक्षा न करना
कई लोग एक बार निवेश करने के बाद उसे वर्षों तक देखते ही नहीं हैं। लेकिन ऐसा करना सही नहीं है।
समय के साथ कई चीजें बदलती रहती हैं—
- कुछ निवेश तेजी से बढ़ते हैं।
- आपकी आय बढ़ सकती है।
- आपके वित्तीय लक्ष्य बदल सकते हैं।
- आपकी जोखिम उठाने की क्षमता भी बदल सकती है।
अगर आप अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा नहीं करेंगे, तो उसका संतुलन बिगड़ सकता है।
उदाहरण के लिए, अगर आपने शुरुआत में 60% पैसा शेयरों में और 40% बॉन्ड में लगाया था, तो कुछ साल बाद शेयरों की कीमत बढ़ने से यह अनुपात 80% और 20% हो सकता है। इससे आपके निवेश का जोखिम बढ़ जाएगा।
इसलिए साल में कम से कम एक या दो बार अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा जरूर करें।
इससे आप—
- पोर्टफोलियो को दोबारा संतुलित कर सकते हैं।
- कमजोर प्रदर्शन वाले निवेश को पहचान सकते हैं।
- अपने नए लक्ष्यों के अनुसार बदलाव कर सकते हैं।
- अपने वित्तीय प्लान के साथ जुड़े रह सकते हैं।
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