Haryana Electricity Employees Strike : हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल फिलहाल टल गई है। बिजली मंत्री अनिल विज और कर्मचारी यूनियनों के बीच करीब 5 घंटे चली मैराथन बैठक के बाद लिखित समझौता हुआ। यूनियन नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को 2 महीने का समय दिया है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 10 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : बैठक में बिजली विभाग से जुड़े अलग-अलग कर्मचारी संगठनों के 10 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे केवल मौखिक आश्वासन पर सहमत नहीं होंगे। बैठक के बाद मांगों को लेकर लिखित समझौता किया गया।
अनिल विज ने मांगा 2 महीने का समय

बिजली कर्मचारियों की मांगों को लेकर मंत्री अनिल विज ने यूनियन नेताओं के साथ विस्तार से चर्चा की। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग रखी। बैठक के बाद यूनियनों ने सरकार को मांगों पर कार्रवाई के लिए 2 महीने का समय दिया है। इस समझौते के बाद तीन दिवसीय हड़ताल को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
हड़ताल से पहले बिजली निगम ने की थी वैकल्पिक व्यवस्था
हड़ताल की संभावना को देखते हुए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने बिजली सप्लाई को सामान्य बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी थी। निगम ने दूसरे राज्यों के बिजली विभागों और डिस्कॉम से तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे। हड़ताल की स्थिति में JE, AFM, LM, ALM, SSA, ASSA और SA स्तर के तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत बताई गई थी। इन्हें कंटीजेंसी प्लान के तहत दूसरे राज्यों से बुलाकर बिजली सप्लाई व्यवस्था में लगाया जाना था।
स्मार्ट मीटर का भी विरोध

बिजली कर्मचारी स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया का भी विरोध कर रहे हैं। यूनियनों की मांग है कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को रोका जाए। बिजली मंत्री अनिल विज के मुताबिक, स्मार्ट मीटर से संबंधित टेंडर की प्रक्रिया अभी जारी है और इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
कर्मचारियों की सेवा संबंधी कई मांगें लंबित

यूनियनों ने कर्मचारियों की पदोन्नति और पुनर्गठन, खाली पदों को भरने, ऑनलाइन ट्रांसफर व्यवस्था खत्म करने और टाइप टेस्ट जल्द कराने जैसी मांगें भी उठाई हैं। इसके अलावा Ex-Gratia Policy में बदलाव और महिला कर्मचारियों के लिए क्रेच सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल है।
सुरक्षा और जोखिम भत्ते की भी मांग
बिजली कर्मचारियों ने काम के दौरान जोखिम को देखते हुए जोखिम भत्ता और पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। कर्मचारियों का कहना है कि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरण और जोखिम भत्ता बेहद जरूरी है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने इससे पहले भी जोखिम भत्ते और सेफ्टी उपकरणों से जुड़ी मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए विचार का आश्वासन दिया था।
Please also read this article :
Instagram: https://www.instagram.com/ib






















