UPI Payment Rule Petrol Pumps : हरियाणा में पेट्रोल पंपों पर UPI से भुगतान करने वाले ग्राहकों के लिए आने वाले दिनों में परेशानी बढ़ सकती है। ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाए जाने के प्रस्ताव/नियम को लेकर पेट्रोल पंप डीलर्स ने विरोध जताया है। ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन (AHPDA) ने इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र भेजा है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 18 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर पेट्रोल पंपों को इस शुल्क से राहत नहीं मिली, तो पूरे हरियाणा में पेट्रोल पंपों पर कैशलेस यानी डिजिटल पेमेंट की सुविधा बंद की जा सकती है। ऐसी स्थिति में ग्राहकों को पेट्रोल-डीजल खरीदने के लिए नकद भुगतान करना पड़ सकता है। डीलर्स का कहना है कि पेट्रोल पंप का कारोबार पहले से ही कम मार्जिन पर चलता है। ऐसे में बड़े UPI भुगतान पर MDR कटने से उनकी कमाई पर सीधा असर पड़ेगा।
₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर ₹5 चार्ज का मामला
डीलर्स के मुताबिक, ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर ₹5 का MDR लगने से पेट्रोल पंप संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई ग्राहक ₹2,100 का पेट्रोल UPI के जरिए खरीदता है, तो डीलर के अनुसार उस ट्रांजेक्शन पर ₹5 तक का शुल्क कट सकता है।

एसोसिएशन का कहना है कि पेट्रोल पंपों का मार्जिन सीमित है। इसलिए हर बड़े डिजिटल भुगतान पर शुल्क कटने से उनकी वास्तविक बचत कम हो जाएगी।
पेट्रोल-डीजल पर कितना मार्जिन बचता है ?
ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के हिसार जिला प्रधान राजकुमार सलेमगढ़ के मुताबिक, पेट्रोल पंप संचालकों को प्रति लीटर डीजल पर करीब ₹2 और पेट्रोल पर करीब ₹3 की बचत होती है।
डीलर्स का कहना है कि इसी राशि में से बिजली बिल, कर्मचारियों की सैलरी, मशीनों का रखरखाव, इंटरनेट और अन्य परिचालन खर्च पूरे करने पड़ते हैं। इसलिए बड़े UPI भुगतान पर MDR का अतिरिक्त खर्च उनके शुद्ध मुनाफे को प्रभावित कर सकता है।
हरियाणा में करीब 4,469 पेट्रोल पंप होने का दावा
एसोसिएशन के अनुसार, हरियाणा में करीब 4,469 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। इनमें लगभग 2,547 यानी करीब 57% पंप स्वतंत्र सिंगल-ओनर डीलरशिप के तहत चलते हैं। एसोसिएशन के मुताबिक, गुरुग्राम में करीब 232, फरीदाबाद में 166 और हिसार में 146 पेट्रोल पंप हैं।

डीलर्स का दावा है कि छोटे और ग्रामीण इलाकों में कम बिक्री वाले पेट्रोल पंपों पर MDR का प्रभाव ज्यादा महसूस हो सकता है, क्योंकि वहां बिक्री की मात्रा बड़े शहरों के मुकाबले कम होती है।
रोजाना करोड़ों रुपए का डिजिटल लेन-देन
एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में पेट्रोल और डीजल की रोजाना बिक्री करीब 1.7 करोड़ से 2.1 करोड़ लीटर के बीच है। वहीं, पेट्रोल पंपों पर प्रतिदिन करीब ₹150 करोड़ से ₹180 करोड़ तक का कारोबार होने का दावा किया गया है।
डीलर्स के मुताबिक, कुल बिक्री का लगभग 60 से 70% भुगतान डिजिटल माध्यमों से आता है। इनमें UPI के जरिए प्रतिदिन करीब ₹90 करोड़ से ₹120 करोड़ तक के लेन-देन का अनुमान बताया गया है। हालांकि, ये आंकड़े एसोसिएशन द्वारा बताए गए अनुमान हैं।
डीलर्स की मुख्य मांगें क्या हैं ?
पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार के सामने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं:
- पेट्रोल पंपों को ₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर MDR से पूरी छूट दी जाए।
- फ्यूल सेक्टर में पहले से चली आ रही जीरो-MDR व्यवस्था को जारी रखा जाए।
- कम बिक्री वाले ग्रामीण और छोटे पेट्रोल पंपों के लिए विशेष राहत दी जाए।
डीलर्स बोले- डिजिटल पेमेंट बंद करना मजबूरी हो सकती है
एसोसिएशन की ओर से वित्त मंत्री और पेट्रोलियम मंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि डीलर्स डिजिटल इंडिया अभियान का समर्थन करते हैं। हालांकि, उनका कहना है कि कम मार्जिन वाले कारोबार में अतिरिक्त डिजिटल पेमेंट शुल्क को लगातार वहन करना मुश्किल होगा।
एसोसिएशन का दावा है कि यदि MDR वापस नहीं लिया गया तो ग्राहक और डीलर दोनों नकद लेन-देन की ओर वापस जा सकते हैं। इससे पेट्रोल पंपों पर डिजिटल भुगतान की सुविधा प्रभावित होने की आशंका है।
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