Venezuela Earthquake : दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। शुरुआती सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 235 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4,300 से अधिक लोग घायल हैं।

Written by Kajal Panchal • Published on : 26 June 2026
IBN24 News Network : सरकार का कहना है कि 39 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। कई शहरों में इमारतें ढह गई हैं और हजारों लोग मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
राष्ट्रीय अवकाश के कारण बढ़ा नुकसान
25 जून को वेनेजुएला में काराबोबो युद्ध की वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रीय अवकाश था। अधिकांश लोग घरों में मौजूद थे और कई परिवार फीफा वर्ल्ड कप मैच देख रहे थे। इसी दौरान आए भूकंप के कारण बड़ी संख्या में लोग इमारतों के मलबे में दब गए, जिससे हताहतों की संख्या अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।
मलबे से अब भी आ रही हैं लोगों की आवाजें

स्थानीय मीडिया के अनुसार कई इमारतों के मलबे से अब भी लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। बचाव दल भारी मशीनों, स्निफर डॉग्स और आधुनिक उपकरणों की मदद से लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहे हैं। कई जगहों पर समय के खिलाफ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
39 हजार से ज्यादा लोग लापता
सरकार ने देर रात जारी अपडेट में बताया कि 39,000 से अधिक लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। अधिकारियों का मानना है कि कई लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं, जबकि कुछ लोग प्रभावित इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं।
मृतकों का आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि यह शुरुआती आंकड़ा है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के प्रारंभिक आकलन के अनुसार मृतकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। कई प्रभावित इलाकों तक राहत दल अभी भी पूरी तरह नहीं पहुंच पाए हैं, इसलिए वास्तविक नुकसान सामने आने में समय लग सकता है।
अस्पतालों पर बढ़ा दबाव
भूकंप के बाद अस्पतालों में घायलों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। कई अस्पतालों में बेड कम पड़ गए हैं, जबकि डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ लगातार आपातकालीन सेवाएं दे रहे हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्थायी मेडिकल कैंपों में भी उपचार दिया जा रहा है।

बिजली, पानी और संचार व्यवस्था प्रभावित
भूकंप के कारण कई शहरों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे राहत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। कई इलाकों में सड़कें टूटने और पुल क्षतिग्रस्त होने से बचाव दल को पहुंचने में परेशानी हो रही है।
आफ्टरशॉक्स का खतरा बरकरार
भूकंप के बाद कई इलाकों में हल्के झटके (Aftershocks) महसूस किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों को क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक आफ्टरशॉक्स का खतरा बना रह सकता है।
अर्थव्यवस्था को 9.5 लाख करोड़ रुपये तक का नुकसान
प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक इस आपदा से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को करीब 9.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। सड़कें, पुल, सरकारी भवन, स्कूल, अस्पताल और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंची है। तेल और औद्योगिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका है।
देश में आपातकाल लागू
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने पूरे देश में आपातकाल घोषित कर दिया है। सेना, पुलिस, राष्ट्रीय आपदा बल और स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है।

भारत समेत कई देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला के नेतृत्व से बात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और हरसंभव सहायता देने की पेशकश की। इसके अलावा कई अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों ने भी बचाव सामग्री, मेडिकल सहायता और राहत दल भेजने की घोषणा की है।
सबसे बड़ी चुनौती क्या है ?
राहत एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलबे में फंसे लोगों को समय रहते निकालना, प्रभावित क्षेत्रों तक भोजन और दवाइयां पहुंचाना तथा बिजली और संचार व्यवस्था को जल्द बहाल करना है। यदि अगले 48 घंटे में अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित नहीं निकाला गया तो मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
सरकार ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने, केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने और आफ्टरशॉक्स की संभावना को देखते हुए क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की अपील की है। राहत हेल्पलाइन भी जारी कर दी गई हैं और विस्थापित लोगों के लिए अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं.
Please also read this article :
Instagram: https://www.instagram.com/ib






















