Plastic Currency in India : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अगले साल अप्रैल-मई 2027 के बीच देश में पॉलीमर (प्लास्टिक) नोट लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। शुरुआत में ₹10, ₹20 और ₹50 जैसे कम मूल्य के नोट पॉलीमर सामग्री में जारी किए जाएंगे। इन नोटों का उद्देश्य नोटों की उम्र बढ़ाना, नकली नोटों पर रोक लगाना और छपाई की लागत कम करना है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 6 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : RBI गवर्नर ने बताया कि देश में सबसे ज्यादा उपयोग छोटे मूल्य के नोटों का होता है। यही कारण है कि पॉलीमर नोटों की शुरुआत इन्हीं वैल्यू के नोटों से की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड जैसे देशों में पॉलीमर नोट कई वर्षों से सफलतापूर्वक उपयोग किए जा रहे हैं।
पॉलीमर नोट क्या होते हैं ?

पॉलीमर नोट कागज के बजाय एक विशेष प्लास्टिक (BOPP – Biaxially Oriented Polypropylene) से बनाए जाते हैं। देखने और इस्तेमाल में ये सामान्य नोटों जैसे ही होते हैं, लेकिन इनकी मजबूती और सुरक्षा कागजी नोटों से कहीं अधिक होती है।
इन नोटों पर पानी, नमी और गंदगी का असर बहुत कम पड़ता है और ये आसानी से फटते भी नहीं हैं।
सरकार इन्हें क्यों ला रही है ?
1. ज्यादा समय तक चलेंगे
पॉलीमर नोट कागजी नोटों की तुलना में लगभग 2.5 से 4 गुना अधिक समय तक चल सकते हैं। कई देशों में इनका उपयोग 30 साल से भी अधिक समय से किया जा रहा है।
2. नकली नोट बनाना होगा मुश्किल
इनमें ट्रांसपेरेंट विंडो, एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स और विशेष होलोग्राम जोड़े जा सकते हैं, जिससे नकली नोट तैयार करना बेहद कठिन हो जाएगा।
3. छपाई का खर्च घटेगा
कागजी नोट जल्दी खराब होने के कारण RBI को हर साल बड़ी संख्या में नए नोट छापने पड़ते हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में नोटों की छपाई पर ₹6,372.8 करोड़ खर्च हुए थे। पॉलीमर नोट लंबे समय तक चलने से यह खर्च कम हो सकता है।
क्या पुराने कागजी नोट बंद हो जाएंगे ?

नहीं। RBI ने स्पष्ट किया है कि पॉलीमर नोट आने के बाद भी पुराने कागजी नोट बंद नहीं होंगे।
- दोनों तरह के नोट एक साथ चलन में रहेंगे।
- बदलाव चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
- जब तक पॉलीमर नोट पूरी तरह स्थापित नहीं हो जाते, तब तक कागजी नोटों का इस्तेमाल जारी रहेगा।
पहले भी आया था प्रस्ताव
भारत में पॉलीमर नोट लाने का विचार पहली बार 2012 में सामने आया था, लेकिन तकनीकी कारणों से यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब RBI ने इस परियोजना को दोबारा आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
किन देशों में पहले से चल रहे हैं पॉलीमर नोट ?
दुनिया के 60 से अधिक देशों में पॉलीमर नोट चलन में हैं। इनमें प्रमुख देश हैं:
- ऑस्ट्रेलिया
- कनाडा
- यूनाइटेड किंगडम (UK)
- न्यूजीलैंड
- वियतनाम
- ब्रुनेई
- रोमानिया
- मालदीव
- पापुआ न्यू गिनी
- मॉरिटानिया
- निकारागुआ
- वानुआतु
- त्रिनिदाद और टोबैगो
पॉलीमर नोट बनाम कागजी नोट
| पॉलीमर नोट | कागजी नोट |
|---|---|
| पानी और नमी से खराब नहीं होते | जल्दी गंदे और खराब हो जाते हैं |
| अधिक मजबूत और टिकाऊ | आसानी से फट सकते हैं |
| एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स | नकली बनाने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक |
| लंबी लाइफ | कम लाइफ |
| शुरुआती लागत ज्यादा | शुरुआती लागत कम |
RBI का मानना है कि पॉलीमर नोट भारतीय मुद्रा प्रणाली को अधिक टिकाऊ, सुरक्षित और किफायती बनाएंगे। हालांकि, शुरुआती दौर में केवल छोटे मूल्य के नोट जारी किए जाएंगे और कागजी नोट भी समानांतर रूप से चलते रहेंगे। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में अन्य मूल्यवर्ग के नोट भी पॉलीमर सामग्री में जारी किए जा सकते हैं।
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