Manisha Death Case : भिवानी की टीचर मनीषा की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच पूरी कर ली है। CBI ने मामले को आत्महत्या का मामला मानते हुए पंचकूला स्थित स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, CBI की अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। एजेंसी की ओर से मनीषा के पिता संजय को 10 अगस्त को भेजे गए पत्र में जांच पूरी होने और अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में पेश किए जाने की जानकारी दी गई।

Written by Kajal Panchal • Published on : 14 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : मनीषा के परिवार ने हालांकि CBI के निष्कर्ष पर असहमति जताई है। पिता संजय का कहना है कि अभी उन्हें रिपोर्ट की कॉपी नहीं मिली है। 27 अगस्त को कोर्ट में मामले से जुड़े तथ्यों और रिपोर्ट को देखने के बाद परिवार आगे का फैसला करेगा।
CBI ने जांच पूरी कर कोर्ट में दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट

CBI स्पेशल क्राइम-II, नई दिल्ली की ओर से मनीषा के पिता को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि मामले की जांच पूरी कर ली गई है और अंतिम रिपोर्ट अदालत में दाखिल की जा चुकी है। CBI ने अपनी जांच में मनीषा की मौत को आत्महत्या माना है। अब इस रिपोर्ट पर अंतिम कानूनी कार्रवाई अदालत में होगी।
पिता बोले- रिपोर्ट देखने के बाद ही लेंगे फैसला
मनीषा के पिता संजय के मुताबिक, परिवार चार्जशीट की जानकारी लेने कोर्ट पहुंचा था, लेकिन वहां पता चला कि अगली तारीख 27 अगस्त तय की गई है। उन्होंने बताया कि अभी तक उन्हें CBI की रिपोर्ट की कॉपी नहीं मिली है।

संजय ने कहा कि मौखिक तौर पर उन्हें बताया गया है कि CBI ने मौत को आत्महत्या माना है। रिपोर्ट में जांच के दौरान क्या तथ्य सामने आए और किन आधारों पर यह निष्कर्ष निकाला गया, इसकी जानकारी रिपोर्ट देखने के बाद ही स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद इसे गांव की कमेटी के सामने रखा जाएगा और परिवार की ओर से आगे की रणनीति तय की जाएगी।
परिवार CBI की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुआ तो कोर्ट जाएगा
मनीषा के पिता ने कहा कि यदि CBI की रिपोर्ट से परिवार संतुष्ट नहीं हुआ तो वे अदालत के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे। उनका कहना है कि परिवार ने बेटी को न्याय दिलाने के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया है और आगे भी यह लड़ाई जारी रहेगी।

मनीषा के दादा रामकिशन ने भी CBI की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच में लीपापोती की गई है और परिवार को अब अपने समाज से न्याय की उम्मीद है।
11 अगस्त को घर से निकली थी मनीषा, 13 अगस्त को मिला शव
मनीषा 11 अगस्त 2025 को अपनी ढाणी लक्ष्मण गांव से प्ले स्कूल में ड्यूटी के लिए निकली थी। इसके बाद उसने नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के सिलसिले में जाने की बात बताई थी। हालांकि, वह वापस घर नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।

13 अगस्त 2025 को मनीषा का शव सिंघानी गांव के खेतों में मिला। इसके बाद परिवार ने उसकी मौत को हत्या बताते हुए जांच की मांग की। मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया और मनीषा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर ग्रामीणों और परिवार की ओर से विरोध-प्रदर्शन भी किए गए।
पुलिस के आत्महत्या बताने के बाद बढ़ा था विवाद
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 18 अगस्त 2025 को मनीषा की मौत को आत्महत्या बताया। पुलिस के इस निष्कर्ष के बाद परिवार और ग्रामीणों का विरोध बढ़ गया।

परिवार की मांग पर मनीषा का दिल्ली AIIMS में तीसरी बार पोस्टमॉर्टम कराया गया। मामले को लेकर लगातार बढ़ते विरोध और आंदोलन के बीच 26 अगस्त 2025 को जांच CBI को सौंपने की घोषणा की गई। इसके बाद CBI ने मामले की जांच शुरू की और करीब एक साल बाद अब अपनी अंतिम रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी है।
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