Karnal Rice Mill Scam : हरियाणा के करनाल जिले में सरकारी धान के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। प्रशासन द्वारा राइस मिलों में सरकारी धान और चावल के स्टॉक के भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) के दौरान यूनाइटेड फूड राइस मिल से करीब 1000 टन सरकारी धान गायब मिला।

Written by Kajal Panchal • Published on : 27 June 2026
IBN24 News Network : इस धान की बाजार कीमत लगभग 2.61 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले में राइस मिल मालिक नसीब सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसकी महिला साझेदार संतोष रानी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
फिजिकल वेरिफिकेशन में खुला करोड़ों का घोटाला
सरकार के निर्देश पर करनाल जिले की सभी राइस मिलों में सरकारी धान और चावल के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान शेखपुरा खालसा स्थित यूनाइटेड फूड राइस मिल के रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद स्टॉक का मिलान किया गया।
जांच में सामने आया कि दस्तावेजों के अनुसार जितना सरकारी धान गोदाम में होना चाहिए था, उसमें करीब 1000 टन की कमी पाई गई। अधिकारियों ने इसकी अनुमानित कीमत ₹2.61 करोड़ आंकी। जब मिल मालिक नसीब सिंह से इस संबंध में पूछताछ की गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
डीएफएससी की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
अनियमितता सामने आने के बाद तत्कालीन जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) अनिल की शिकायत पर इंद्री थाना पुलिस ने राइस मिल मालिक नसीब सिंह और उसकी साझेदार संतोष रानी के खिलाफ सरकारी धान के गबन समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। बाद में पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

खाद्य आपूर्ति विभाग का निरीक्षक भी जांच के दायरे में
एसआईटी की जांच में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक रणधीर की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मंडियों में फर्जी धान खरीद दिखाकर रिकॉर्ड में सरकारी धान की आवक दर्ज की गई, जबकि वास्तविक स्टॉक गोदाम में मौजूद नहीं था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि रिकॉर्ड में हेराफेरी कर सरकारी धान का गबन किया गया, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा।
अकेले संभव नहीं था इतना बड़ा खेल
एसआईटी के अधिकारियों का मानना है कि करीब 1000 टन सरकारी धान के गबन जैसी बड़ी अनियमितता किसी एक व्यक्ति के बूते संभव नहीं है। इसलिए अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे मामले में किन अधिकारियों, कर्मचारियों और कारोबारियों की भूमिका रही।
पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी के रिमांड के दौरान कई अहम खुलासे हो सकते हैं और मामले में अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
अन्य राइस मिलों की भी होगी जांच
यूनाइटेड फूड राइस मिल में अनियमितता सामने आने के बाद प्रशासन ने जिले की अन्य राइस मिलों के सरकारी स्टॉक की भी गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी धान और चावल के भंडारण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच अभी जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है। उपलब्ध दस्तावेजों, स्टॉक रिकॉर्ड और पूछताछ के आधार पर आगे भी बड़ी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन का कहना है कि सरकारी अनाज के गबन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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