KBC Players Win ₹12.5 Lakh : हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले की कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट शर्मिला धनखड़ ने कौन बनेगा करोड़पति (KBC) के मंच पर अपनी संघर्ष भरी कहानी सुनाकर अमिताभ बच्चन को भावुक कर दिया। शर्मिला के साथ बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन, पैरा पावर लिफ्टर झंडू कुमार और जूडो प्लेयर अस्मिता डे भी इस खास एपिसोड में शामिल हुए। चारों खिलाड़ियों ने मिलकर 12.5 लाख रुपये की रकम जीती।

Written by Kajal Panchal • Published on : 18 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : इस खास एपिसोड की शूटिंग 11 अगस्त को मुंबई में हुई थी और इसका प्रसारण सोमवार रात किया गया। शो के दौरान अमिताभ बच्चन ने चारों खिलाड़ियों के खेल सफर के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी और संघर्ष के बारे में भी जाना।
शर्मिला की कहानी सुन भावुक हुए अमिताभ बच्चन
महेंद्रगढ़ की शर्मिला धनखड़ ने बताया कि उन्हें महज 2 साल की उम्र में पोलियो हो गया था। इसके बाद कम उम्र में ही उनकी शादी हो गई। शादी के बाद उनकी दो बेटियां हुईं, लेकिन पति की शराब की लत और मारपीट के कारण यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल सका।

शर्मिला ने बताया कि दूसरी शादी के लिए कई प्रस्ताव आए, लेकिन उनकी बेटियों को स्वीकार करने के लिए कोई तैयार नहीं था। ऐसे मुश्किल समय में अजीत ने उनका हाथ थामा और उनकी दोनों बेटियों को भी अपनाया। इसके बाद अजीत ही उन्हें 30 साल की उम्र के बाद खेलों की दुनिया में लेकर आए।
शर्मिला की संघर्ष की कहानी सुनकर अमिताभ बच्चन भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि दर्शकों को खिलाड़ियों की मेहनत और उनके मेडल तो दिखाई देते हैं, लेकिन उन मेडल के पीछे की पूरी कहानी अक्सर सामने नहीं आ पाती। इसके बाद अमिताभ बच्चन ने शर्मिला की बड़ी बेटी अनुज से भी बातचीत की। बेटी ने कहा कि वह अपनी मां के मेडल की वजह से आज KBC के मंच तक पहुंच पाई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक वह अमिताभ बच्चन को सिर्फ टीवी पर ही देखती थीं।
बिना लाइफलाइन शर्मिला ने दिया सही जवाब
KBC में शुरुआत के छह सवालों के जवाब बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन और झंडू कुमार ने दिए। इसके बाद सातवें सवाल से शर्मिला धनखड़ और अस्मिता डे हॉट सीट पर पहुंचीं। शो में सवाल पूछा गया कि सभी 10 महिला टी-20 वर्ल्ड कप खेलने वाली खिलाड़ी कौन हैं? शर्मिला ने बिना ज्यादा समय लगाए इसका जवाब हरमनप्रीत कौर दिया।
अमिताभ बच्चन ने उन्हें लाइफलाइन लेने का सुझाव भी दिया, लेकिन शर्मिला ने लाइफलाइन लेने से इनकार कर दिया और अपने जवाब पर भरोसा जताया। उनका जवाब सही निकला। जब उनसे पूछा गया कि उन्हें इसका जवाब कैसे पता था, तो शर्मिला ने बताया कि वह महिलाओं के क्रिकेट मैच देखती हैं।
झंडू कुमार ने बताया नाम और पावर लिफ्टिंग की कहानी
बिहार के नालंदा निवासी पैरा पावर लिफ्टर झंडू कुमार ने भी अपनी जिंदगी के संघर्ष के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें भी बचपन में पोलियो हुआ था। इलाज के दौरान उनके माता-पिता ने काफी कुछ गंवा दिया।

झंडू ने बताया कि उनके परिवार को लोग ताना देते थे कि लड़के ने उन्हें ‘झंडू’ कर दिया। इसी बीच दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के दौरान डॉक्टर ने उनका नाम पूछा। उस समय दोस्त और उनके मुंह से झंडू कुमार नाम निकल गया और बाद में यही उनका नाम बन गया।
उन्होंने बताया कि सलमान खान की फिल्म दबंग देखने के बाद उन्होंने बॉडी बनाने के लिए जिम जाना शुरू किया। हालांकि, बाद में किसी ने उन्हें पावर लिफ्टिंग का वीडियो दिखाया। इसके बाद उन्होंने इस खेल को अपनाया और यही फैसला उनकी जिंदगी बदलने वाला साबित हुआ।
अखबार में मोहम्मद अली की तस्वीर ने बदली लवलीना की जिंदगी
बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने भी अपने बचपन की एक दिलचस्प कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि उनके पिता टी गार्डन में नौकरी करते थे और रविवार को घर आने पर मिठाई लेकर आते थे।

एक दिन उनके पिता अखबार में लपेटकर जलेबी लेकर आए। उस अखबार पर महान बॉक्सर मोहम्मद अली की तस्वीर छपी थी। जब लवलीना ने अपने पिता से मोहम्मद अली के बारे में जाना तो वह काफी प्रभावित हुईं। इसके बाद उन्होंने पहले मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग ली और धीरे-धीरे बॉक्सिंग की ओर बढ़ गईं। आगे चलकर उन्होंने देश के लिए बड़े मंचों पर पदक जीते और अपनी अलग पहचान बनाई।
अस्मिता डे ने सुनाया पिता से जुड़ा भावुक किस्सा
त्रिपुरा की जूडो प्लेयर अस्मिता डे ने भी KBC के मंच पर अपने संघर्ष की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि उनके पिता उन्हें प्रैक्टिस के लिए करीब 10 किलोमीटर दूर तक साइकिल से लेकर जाते थे। उनके पिता साइकिल रिपेयर का काम करते थे।

अस्मिता ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। उनकी मां कई बार पड़ोसियों से चावल मांगकर खाना बनाती थीं। उनका घर मिट्टी का था और बारिश के दौरान घर गिरने का डर बना रहता था। अस्मिता ने बताया कि उन्होंने घर बनाने का सपना पूरा करने के लिए जूडो को अपना करियर बनाया। साल 2022 में उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस में नौकरी मिली, जिसके बाद परिवार की स्थिति में कुछ सुधार आया।
हालांकि, कॉमनवेल्थ ट्रायल से कुछ दिन पहले ही उनके पिता का निधन हो गया। अस्मिता ने कहा कि जब उन्हें मेडल मिला तो उस उपलब्धि को देखने के लिए उनके पिता उनके साथ नहीं थे।
13वें सवाल तक पहुंचा खेल, लेकिन टाइम ओवर
KBC के इस खास एपिसोड में चारों खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, संघर्ष और खेल के सफर से जुड़ी कहानियां अमिताभ बच्चन के साथ साझा कीं। खिलाड़ियों ने कुल 11 सवालों के जवाब दिए।

इसके बाद जैसे ही खिलाड़ी 13वें सवाल पर पहुंचे, टाइम ओवर का हूटर बज गया। हालांकि, इस एपिसोड की सबसे खास बात खिलाड़ियों की जीत से ज्यादा उनकी संघर्ष की कहानियां रहीं। वहीं, शर्मिला धनखड़ का बिना लाइफलाइन सही जवाब देना भी शो में खास चर्चा का विषय बना।
Please also read this article :
Instagram: https://www.instagram.com/ib




















