CBI Raid Karnal : हरियाणा में कथित ₹645 करोड़ के IDFC First Bank और AU Small Finance Bank फंड घोटाले की जांच अब करनाल तक पहुंच गई है। बुधवार को CBI की 4 से 5 टीमों ने पुलिस बल के साथ करनाल अनाज मंडी में पहुंचकर कई आढ़त फर्मों से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाले। जांच टीम मार्केट कमेटी कार्यालय भी पहुंची और संबंधित फर्मों से जुड़े रिकॉर्ड के बारे में जानकारी जुटाई।

Written by Kajal Panchal • Published on : 30 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : इस कार्रवाई से अनाज मंडी के कारोबारियों और आढ़तियों में हलचल मच गई। जांच एजेंसी का फोकस उन फर्मों और लेनदेन पर बताया जा रहा है, जिनका नाम कथित बैंक घोटाले की जांच में सामने आया है।
3-4 आढ़त फर्मों पर फर्जी बिलिंग का संदेह
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार घरौंडा अनाज मंडी की 3 से 4 आढ़त फर्में CBI की जांच के दायरे में हैं। इन फर्मों से जुड़े कथित फर्जी बिलिंग और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है।
CBI की टीमों ने संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड का मिलान किया। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी फर्म की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। एजेंसी की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित फर्मों का कथित फंड ट्रेल से क्या संबंध था।
मार्केट कमेटी कार्यालय से भी जुटाई जानकारी
अनाज मंडी में कार्रवाई के बाद CBI अधिकारी मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे। यहां आढ़त फर्मों से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जानकारी ली गई।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संबंधित फर्मों के कारोबारी लेनदेन और बैंक खातों में हुए लेनदेन के बीच कोई संबंध है या नहीं। रिकॉर्ड के मिलान के बाद जांच की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
एक दिन पहले ED ने 14 ठिकानों पर की थी छापेमारी
इससे एक दिन पहले मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ₹645 करोड़ के कथित सरकारी फंड घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 परिसरों पर तलाशी ली थी। ED के अनुसार जांच हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ नगर निगम और अन्य सरकारी खातों से कथित तौर पर हुई हेराफेरी से जुड़ी है।
ED के मुताबिक, कथित तौर पर सरकारी धन को अलग-अलग ज्वेलर्स और उनसे जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर और लेयर किया गया तथा इन लेनदेन को सामान्य कारोबारी गतिविधियों के रूप में दिखाने की कोशिश की गई। जांच में कई ज्वेलरी कारोबारियों और गौरव कंसल नामक कथित बिचौलिए से जुड़े परिसरों को भी शामिल किया गया था।
जांच में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल की भी पड़ताल
ED इस मामले में कथित तौर पर रकम की रूटिंग, लेयरिंग और वास्तविक स्रोत छिपाने से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। एजेंसी के अनुसार तलाशी के दौरान ऐसे दस्तावेज और अन्य सामग्री मिली है, जिसकी जांच की जा रही है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ED की कार्रवाई फरवरी 2026 में दर्ज उस FIR से जुड़ी है, जिसमें हरियाणा के विकास एवं पंचायत विभाग के IDFC First Bank और AU Small Finance Bank में रखे सरकारी खातों के बैलेंस में कथित गड़बड़ियों की जांच शुरू हुई थी।
IAS अधिकारियों तक पहुंची जांच
मामले की जांच अब सरकारी अधिकारियों और बैंकिंग लेनदेन से जुड़े कई स्तरों तक पहुंच चुकी है। CBI ने इस मामले में पंचकूला की विशेष अदालत में तीसरी चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें छह हरियाणा कैडर के IAS अधिकारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है। यह आरोप जांच एजेंसियों के दावों पर आधारित हैं और मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
इस मामले में CBI पहले भी अधिकारियों और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। जून 2026 में CBI ने मामले से जुड़े कुछ IAS अधिकारियों के परिसरों पर तलाशी ली थी। उस समय जांच एजेंसी कथित तौर पर सरकारी फंड की हेराफेरी और बैंकिंग लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही थी।
₹211 करोड़ की संपत्तियां अटैच करने का दावा
ED के अनुसार, इस जांच के दौरान लगभग ₹211 करोड़ की चल और अचल संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं। एजेंसी ने इस मामले में चार लोगों की गिरफ्तारी और 14 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल करने की भी जानकारी दी है।
अब करनाल कनेक्शन पर नजर
करनाल अनाज मंडी में CBI की कार्रवाई के बाद अब जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू संबंधित आढ़त फर्मों के रिकॉर्ड और कथित बैंक लेनदेन का मिलान होगा। यदि दस्तावेजों में किसी तरह की वित्तीय कड़ी सामने आती है, तो जांच आगे बढ़ सकती है। फिलहाल संबंधित फर्मों की भूमिका जांच का विषय है और CBI की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
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