No UPI Day on 2 October : अगर आप रोजमर्रा की खरीदारी के लिए UPI से भुगतान करते हैं, तो 2 अक्टूबर को कई दुकानों और बाजारों में आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। देशभर के कई व्यापारिक संगठनों ने 2 अक्टूबर को ‘नो UPI डे’ मनाने का ऐलान किया है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 24 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : इस दौरान व्यापारी UPI से भुगतान स्वीकार नहीं करने और QR कोड, स्कैनर, साउंड बॉक्स समेत डिजिटल पेमेंट डिवाइस को काले कपड़े से ढककर विरोध जताने की तैयारी में हैं। व्यापारी संगठनों का यह विरोध 15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के पात्र UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR यानी Merchant Discount Rate लागू होने के खिलाफ है।
500 से ज्यादा व्यापारिक संगठन आंदोलन में शामिल
महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर यानी MACCIA सहित कई व्यापारिक संगठनों ने इस विरोध को समर्थन दिया है। व्यापारिक संगठनों का दावा है कि 500 से अधिक संगठन इस मुद्दे को लेकर सरकार के सामने अपनी मांग रखने की तैयारी कर रहे हैं।

2 अक्टूबर को व्यापारी QR कोड, UPI स्कैनर, साउंड बॉक्स और अन्य डिजिटल पेमेंट डिवाइस को काले कपड़े से ढककर विरोध जताएंगे। व्यापारी संगठनों का कहना है कि UPI आज कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है और इस पर अतिरिक्त लागत लगने से छोटे तथा कम मार्जिन वाले कारोबारियों पर वित्तीय बोझ बढ़ सकता है।
व्यापारियों ने कहा- डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के बाद शुल्क क्यों ?
ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन और अन्य व्यापारिक संगठनों ने MDR को लेकर चिंता जताई है। व्यापारियों का कहना है कि रिटेलर और डिस्ट्रीब्यूटर अक्सर कम मार्जिन पर काम करते हैं। ऐसे में डिजिटल पेमेंट पर अतिरिक्त शुल्क लगने से उनकी लागत बढ़ सकती है।

व्यापारी संगठनों का यह भी कहना है कि UPI के बढ़ते इस्तेमाल से भुगतान व्यवस्था ज्यादा पारदर्शी हुई है और कैश पर निर्भरता कम हुई है। इसलिए उनका मानना है कि डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने वाले कारोबारियों पर अतिरिक्त लागत नहीं डाली जानी चाहिए।
15 अक्टूबर से क्या बदलने वाला है ?
15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के कुछ Person-to-Merchant यानी P2M UPI ट्रांजैक्शन पर 0.40% MDR लागू होने की व्यवस्था है। इसका मतलब है कि पात्र व्यापारी को मिलने वाले ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर MDR की गणना की जाएगी।
उदाहरण के तौर पर यदि कोई पात्र व्यापारी ₹10,000 का UPI भुगतान स्वीकार करता है, तो 0.40% के हिसाब से MDR ₹40 होगा। हालांकि, इस शुल्क की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन रखी गई है।
₹2,000 तक के UPI भुगतान पर MDR नहीं

नए नियम का मतलब यह नहीं है कि हर UPI भुगतान पर शुल्क लगेगा। ₹2,000 तक के सामान्य मर्चेंट UPI भुगतान इस MDR के दायरे में नहीं आएंगे। इसके अलावा Person-to-Person यानी P2P ट्रांजैक्शन, जैसे किसी दोस्त या रिश्तेदार को UPI के जरिए पैसे भेजना, इस शुल्क के तहत नहीं आता।
छोटे विक्रेताओं को भी कुछ राहत दी गई है। तय सीमा के भीतर UPI QR के जरिए भुगतान स्वीकार करने वाले पात्र छोटे व्यापारियों को MDR से बाहर रखा गया है।
पेट्रोल पंप और दूसरे कारोबार भी कर रहे विरोध
MDR को लेकर केवल रिटेल व्यापारियों में ही चिंता नहीं है। पेट्रोलियम डीलर्स सहित कुछ अन्य कारोबारी संगठनों ने भी पात्र डिजिटल भुगतान पर शुल्क से राहत देने की मांग उठाई है।

कुछ संगठनों ने सरकार और संबंधित संस्थाओं से नियम पर दोबारा विचार करने की अपील की है।
2 अक्टूबर को UPI पूरी तरह बंद रहेगा ?
यहां एक बात समझना जरूरी है कि 2 अक्टूबर का ‘नो UPI डे’ व्यापारिक संगठनों द्वारा घोषित विरोध कार्यक्रम है। इसका मतलब यह नहीं है कि देशभर में UPI नेटवर्क या डिजिटल पेमेंट सिस्टम तकनीकी रूप से बंद रहेगा।
विरोध में शामिल व्यापारी अपनी दुकानों पर UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने और QR कोड व दूसरे डिवाइस को ढकने का फैसला कर सकते हैं। इसलिए 2 अक्टूबर को UPI से भुगतान करने वालों को कुछ दुकानों पर कैश या अन्य भुगतान विकल्प का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
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