Haryana Air Pollution : हरियाणा में दिवाली से पहले ही प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के कई शहरों की हवा जहरीली होती जा रही है। गुरुवार को देश के 12 सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के 7 शहर शामिल रहे। वहीं, गुरुग्राम के पंचगांव में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 5 November 2026
IBN24 NEWS NETWORK : बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर नवजात बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर पड़ रहा है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में सरकारी और निजी कार्यालयों के लिए 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही ऑफिस बुलाने की एडवाइजरी जारी की है। बाकी कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा रोहतक में प्रदूषण नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करने वाली 28 कंपनियों को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं।
देश के सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के 7 शहर
गुरुवार को देश के 12 सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के 7 शहर दर्ज किए गए। इनमें गुरुग्राम का पंचगांव 391 AQI के साथ सबसे ऊपर रहा।

प्रदूषण के मामले में पंचगांव के अलावा बहादुरगढ़, जींद, बल्लभगढ़, कैथल, गुरुग्राम और मानेसर की स्थिति भी बेहद खराब रही। इन शहरों में AQI 300 के पार दर्ज किया गया। वहीं, प्रदेश के 12 अन्य शहरों में AQI 201 से 300 के बीच रहा।
हरियाणा के इन शहरों में सबसे ज्यादा प्रदूषण
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के प्रमुख प्रदूषित शहरों का AQI इस प्रकार रहा:
- पंचगांव – 391
- बहादुरगढ़ – 365
- जींद – 354
- बल्लभगढ़ – 353
- कैथल – 326
- गुरुग्राम – 322
- मानेसर – 318
इन सभी शहरों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है।
प्रदूषण पर प्रशासन के सख्त कदम, 3 जिलों में 50% वर्क फ्रॉम होम
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
1. गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में वर्क फ्रॉम होम
तीनों जिलों के सरकारी और निजी कार्यालयों को 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही कार्यालय बुलाने की एडवाइजरी जारी की गई है। बाकी कर्मचारियों को घर से काम करने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
2. निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर रोक
ग्रैप (GRAP) के तहत निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, मेट्रो, रेलवे, बस स्टैंड, अस्पताल, राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी कुछ परियोजनाओं को छूट दी गई है।
3. नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई
रोहतक में प्रदूषण नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करने पर NGT ने 28 कंपनियों और इकाइयों को नोटिस जारी किए हैं। वहीं, गुरुग्राम में धूल नियंत्रण संबंधी आदेशों का पालन नहीं करने पर 54 चालान किए गए और 13.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
पराली जलाने के मामले कम, फिर भी क्यों बढ़ रहा प्रदूषण ?
इस बार पराली जलाने के मामले पिछले वर्षों की तुलना में कम सामने आए हैं। इसके बावजूद हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका एक प्रमुख कारण सर्द होता मौसम और हवा की धीमी रफ्तार है। हवा की गति कम होने के कारण धूल और धुएं के कण वातावरण में फैल नहीं पा रहे हैं। इसके चलते प्रदूषक तत्व जमीन के नजदीक ही जमा हो रहे हैं और स्मॉग की स्थिति बन रही है।
दूसरी ओर, वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक गतिविधियां और निर्माण कार्य भी प्रदूषण बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं।
प्रदूषण में किसका कितना योगदान ?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों का योगदान इस प्रकार बताया गया है:

- गाड़ियों का धुआं – 15.8%
- पराली जलाना – 15.3%
- घरेलू और अन्य गतिविधियां – 3.9%
- उद्योग – 3.0%
- निर्माण कार्य – 2.2%
- कचरा जलाना – 1.4%
प्रदूषण से बचने के लिए लोग रखें इन बातों का ध्यान
बढ़ते AQI को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को अधिक सतर्क रहना चाहिए।

- AQI बेहद खराब होने पर खुले में व्यायाम करने से बचें।
- जरूरत न होने पर लंबे समय तक बाहर रहने से बचें।
- बाहर निकलते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क इस्तेमाल करें।
- बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषित वातावरण से दूर रखें।
- आंखों में जलन या सांस लेने में परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
10 नवंबर तक मौसम रहेगा खुश्क, 14 नवंबर को बारिश की उम्मीद
प्रदूषण के बीच मौसम विभाग ने हरियाणा के मौसम को लेकर भी पूर्वानुमान जारी किया है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, प्रदेश में पिछले पांच दिनों से मौसम खुश्क बना हुआ है।
इस दौरान उत्तर-पश्चिमी हवाएं हल्की गति से चलीं और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इसके चलते वातावरण में मौजूद धुआं और धूल के कण नमी के साथ मिलकर स्मॉग की स्थिति पैदा कर रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 10 नवंबर तक हरियाणा में मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हवाएं हल्की से मध्यम गति से चल सकती हैं। रात के तापमान में हल्की गिरावट और दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना है। वहीं, 14 नवंबर को बारिश होने की उम्मीद जताई गई है। बारिश के बाद वातावरण में मौजूद प्रदूषक कणों में कमी आ सकती है, जिससे लोगों को प्रदूषण से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
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