Karnal Clerk Arrested Taking ₹5,000 Bribe : हरियाणा के करनाल में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने नगर निगम के एक क्लर्क को ₹5 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गौरव राणा के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने प्रॉपर्टी ID में नाम की गलती ठीक करने के बदले शिकायतकर्ता से ₹5 हजार रिश्वत की मांग की थी।

Written by Kajal Panchal • Published on : 29 September 2026
IBN24 NEWS NETWORK : शिकायत मिलने के बाद ACB की टीम ने जाल बिछाया। शिकायतकर्ता को कैमिकल लगे नोट देकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने पैसे लिए, ACB टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी के हाथों पर कैमिकल पाउडर लगा हुआ भी मिला।
प्रॉपर्टी ID में गलती ठीक कराने पहुंचा था शिकायतकर्ता
जानकारी के अनुसार करनाल निवासी कुलदीप अपनी प्रॉपर्टी ID में हुई गलती को ठीक कराने के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहा था। आरोप है कि इसी दौरान उसकी मुलाकात नगर निगम के क्लर्क गौरव राणा से हुई।

कुलदीप का आरोप है कि गौरव ने प्रॉपर्टी ID में नाम ठीक करने के बदले उससे ₹5 हजार की रिश्वत मांगी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दी।
कैमिकल लगे नोट देकर बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद ACB ने आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप तैयार किया। टीम ने रिश्वत के लिए दिए जाने वाले नोटों पर कैमिकल पाउडर लगाया और उनके नंबर भी नोट कर लिए।
इसके बाद शिकायतकर्ता कुलदीप को वही नोट देकर आरोपी के पास भेजा गया। ACB टीम पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थी।
पुराने बस स्टैंड पर बुलाकर लिए ₹5 हजार
आरोप है कि गौरव राणा ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम देने के लिए करनाल के पुराने बस स्टैंड पर बुलाया था। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे कुलदीप वहां पहुंचा और आरोपी को ₹5 हजार दिए।

जैसे ही गौरव ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, ACB की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान उसके हाथों पर कैमिकल पाउडर लगा मिला।
नगर निगम कार्यालय भी लेकर पहुंची ACB टीम
कार्रवाई के बाद ACB की टीम आरोपी क्लर्क को नगर निगम कार्यालय लेकर गई। इसके बाद उसे एंटी करप्शन ब्यूरो के कार्यालय ले जाया गया।
इंस्पेक्टर अरविंद कुमार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। ACB की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है।
ACB के डर से ऑफिस की बजाय बस स्टैंड पर बुलाने का आरोप
जांच के दौरान सामने आई जानकारी के मुताबिक आरोपी ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम देने के लिए नगर निगम कार्यालय की बजाय पुराने बस स्टैंड पर बुलाया था।
बताया जा रहा है कि आरोपी को नगर निगम कार्यालय में ACB की कार्रवाई का डर था। कार्यालय में कई जगह CCTV कैमरे लगे होने के कारण उसने कथित तौर पर बस स्टैंड को मिलने के लिए चुना।
करीब एक सप्ताह से नगर निगम के चक्कर लगा रहा था शिकायतकर्ता
शिकायतकर्ता कुलदीप करीब एक सप्ताह से प्रॉपर्टी ID में नाम ठीक कराने के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात आरोपी क्लर्क गौरव राणा से हुई।
आरोप है कि गौरव ने काम करने के बदले उससे ₹5 हजार की रिश्वत मांगी। इसके बाद कुलदीप ने ACB से संपर्क किया और पूरी कार्रवाई की योजना बनाई गई।
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