Haryana electricity strike begins for 3 days : हरियाणा में बिजली वितरण व्यवस्था को लेकर विवाद गहरा गया है। गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के विरोध में बिजली निगम के अधिकारी और कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। ‘हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा’ के आह्वान पर बुधवार, 21 अक्टूबर की रात 12 बजे से हड़ताल शुरू हुई, जो 24 अक्टूबर तक जारी रहने वाली है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 22 October 2026
IBN24 NEWS NETWORK : हड़ताल शुरू होते ही प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की खबरें सामने आईं। छह जिलों में बिजली फॉल्ट के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि हड़ताल के दौरान फॉल्ट ठीक नहीं किए जाएंगे।
6 जिलों में बिजली संकट, पानी की सप्लाई भी प्रभावित
बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रातभर बिजली नहीं आने के कारण कई घरों में इनवर्टर बंद हो गए। सुबह बिजली के अभाव में पानी की मोटर नहीं चल सकी, जिससे पानी की टंकियां नहीं भर पाईं।

इन जिलों से बिजली संकट की खबरें सामने आई हैं:
- झज्जर: बेरी गेट और शिव कॉलोनी सहित कई इलाकों में रात से बिजली गुल रही। सुबह पानी की सप्लाई प्रभावित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई।
- महेंद्रगढ़ और नारनौल: महेंद्रगढ़ शहर में रात से बिजली आपूर्ति बाधित रही, जबकि नारनौल के कई मोहल्लों में सुबह करीब 5 बजे से बिजली नहीं आने की शिकायतें सामने आईं। अटेली, सतनाली और कनीना के ग्रामीण फीडर भी प्रभावित बताए गए।
- जींद: नरवाना और सफीदों को छोड़कर जिले के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की जानकारी मिली। जींद शहर के अलावा उचाना, अलेवा, पिल्लूखेड़ा और जुलाना में भी परेशानी सामने आई।
- कुरुक्षेत्र: कुरुक्षेत्र और पिहोवा में बुधवार रात से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। प्रशासन ने पावर हाउस पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मियों की तैनाती की।
- गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, पंचकूला, रोहतक और सोनीपत में भी बिजली फॉल्ट की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, सभी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति एक जैसी नहीं है।
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का कितना असर ?
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) की ओर से जारी 22 अक्टूबर 2026 की नाइट शिफ्ट संबंधी आंकड़ों में हड़ताल के असर को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों की स्थिति दिखाई गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:
- ऑपरेशन जोन पंचकूला: ऑपरेशन में 99%, जबकि संबंधित एसडी/ऑपरेशन क्षेत्रों में 96% से 100% तक के आंकड़े दर्ज किए गए।
- ऑपरेशन जोन रोहतक: ऑपरेशन में 64% का आंकड़ा दर्ज हुआ। संबंधित क्षेत्रों में यह आंकड़ा 35% से 100% के बीच रहा।
- कुल प्रभाव: जारी ग्राफिक में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम में हड़ताल का असर 87% बताया गया है।
- नियमित कर्मचारी: 88% का आंकड़ा।
- अनुबंध कर्मचारी: 84% का आंकड़ा।
सरकार ने संभाली व्यवस्था, अधिकारियों की फील्ड में तैनाती
हड़ताल के प्रभाव को कम करने के लिए हरियाणा सरकार और बिजली निगम प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर बिजली व्यवस्था पर नजर रखने और आम जनता को कम से कम परेशानी होने देने के निर्देश दिए।

बिजली निगम की ओर से 22 से 24 अक्टूबर तक व्यवस्था संभालने के लिए विशेष आदेश जारी किए गए हैं। पंचकूला मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया गया है। प्रशासन की तैयारियों में शामिल हैं:
- वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती: एसई, एक्सईएन और एईई स्तर के अधिकारियों को विभिन्न सर्किलों में भेजा गया है।
- कंट्रोल रूम और निगरानी: बिजली आपूर्ति की स्थिति पर नजर रखने और आपात स्थितियों से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।
- सब-स्टेशनों की सुरक्षा: उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को बिजली सब-स्टेशनों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को कहा गया है।
- छुट्टियां रद्द: बिजली निगम ने आवश्यक मैनपावर उपलब्ध रखने के लिए कर्मचारियों की कई श्रेणियों की छुट्टियां वापस लेने के आदेश जारी किए हैं।
- फील्ड स्टाफ को ड्यूटी पर बुलाया: कई क्षेत्रों में जेई और अन्य कर्मचारियों को तुरंत ड्यूटी जॉइन करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली विभाग में करीब 48% पद खाली, आउटसोर्स कर्मचारियों के सहारे व्यवस्था
हरियाणा ऊर्जा विभाग में कर्मचारियों की कमी भी विवाद की एक बड़ी वजह मानी जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, विभाग में कुल 53,289 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 25,543 पद खाली हैं। यानी लगभग 48% पदों पर कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं।
ग्रुप-C के 23,063 पद खाली बताए गए हैं। वहीं, विभाग का कामकाज चलाने के लिए 15,362 आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं ली जा रही हैं। कर्मचारी संगठनों की नाराजगी के पीछे कर्मचारियों की कमी, बढ़ता काम का दबाव और बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनी को लाइसेंस देने का मुद्दा प्रमुख है।
CM नायब सिंह सैनी की कर्मचारियों से दो अपील
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बिजली कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है और बातचीत के दरवाजे खुले हैं।
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