Gold Silver Price on 8 August : सोने-चांदी की कीमतों में इस हफ्ते जोरदार तेजी देखने को मिली है। 5 कारोबारी दिनों में 24 कैरेट सोना ₹7,064 महंगा होकर ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया, जबकि चांदी ₹14,094 बढ़कर ₹2.31 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई। आखिर तेजी की वजह क्या है और आगे कीमतें कहां तक जा सकती हैं?

Written by Kajal Panchal • Published on : 8 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए इस हफ्ते बाजार से बड़ी खबर सामने आई है। कीमती धातुओं की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिला है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, पांच कारोबारी दिनों में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,42,557 से बढ़कर करीब ₹1,49,621 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। यानी इस दौरान सोने की कीमत में ₹7,064 की बढ़ोतरी हुई।

वहीं चांदी भी पीछे नहीं रही। एक किलो चांदी का भाव करीब ₹2.17 लाख से बढ़कर ₹2.31 लाख के स्तर पर पहुंच गया। यानी पांच दिनों में चांदी करीब ₹14,094 महंगी हुई।
नोट: IBJA के बुलियन भाव आमतौर पर GST के बिना होते हैं, इसलिए ज्वेलरी खरीदते समय वास्तविक कीमत इससे अलग हो सकती है।
एक दिन में भी सोना-चांदी ने मारी बड़ी छलांग
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी दोनों कीमती धातुओं में तेजी देखने को मिली। सोने का भाव करीब ₹1,181 बढ़ा, जबकि चांदी की कीमत में लगभग ₹5,707 की तेजी आई।
इससे एक दिन पहले गुरुवार को सोना करीब ₹1.48 लाख और चांदी करीब ₹2.25 लाख प्रति किलो के स्तर पर थी।
IBJA के दैनिक आंकड़े भी दिखाते हैं कि 2026 में सोने और चांदी में काफी तेज उतार-चढ़ाव रहा है।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सोने-चांदी के दाम ?
कीमती धातुओं में तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण काम कर रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं:
1. ग्लोबल तनाव से बढ़ी Safe Haven Demand
दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक अक्सर सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर देखते हैं। इससे सोने की मांग और कीमत दोनों को सपोर्ट मिल सकता है।
2. अमेरिकी फेड के फैसले पर नजर
अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें भी सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करती हैं। ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद से बिना ब्याज वाले एसेट्स जैसे सोने की मांग बढ़ सकती है।
3. डॉलर की चाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें डॉलर में तय होती हैं। डॉलर कमजोर होने पर अन्य मुद्राओं में खरीदने वालों के लिए ये धातुएं अपेक्षाकृत आकर्षक हो सकती हैं।
4. केंद्रीय बैंकों की खरीदारी
केंद्रीय बैंकों की सोने में खरीदारी भी कीमतों के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट फैक्टर बनी हुई है। बाजार विश्लेषणों में केंद्रीय बैंक खरीदारी को सोने की मौजूदा मजबूती के प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है।
5. चांदी की Industrial Demand
चांदी सिर्फ निवेश के लिए इस्तेमाल नहीं होती, बल्कि इसका बड़े पैमाने पर औद्योगिक इस्तेमाल भी होता है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, EV और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में चांदी की मांग इसकी कीमत को प्रभावित करती है।
इस साल सोने ने कितना रिटर्न दिया ?
31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम थी। अब यह करीब ₹1.49 लाख के स्तर पर पहुंच चुकी है। यानी साल के दौरान सोने में करीब ₹16 हजार की तेजी देखने को मिली है।
हालांकि, इस दौरान कीमतों में कई बार बड़ी गिरावट भी आई है। इसलिए सोने में तेजी के साथ-साथ उतार-चढ़ाव भी बना हुआ है।
चांदी की कीमत भी सालभर काफी अस्थिर रही है। जनवरी में दोनों धातुओं ने रिकॉर्ड स्तरों को छुआ था और इसके बाद बड़ी गिरावट भी देखने को मिली।
क्या सोना ₹1.60 लाख तक पहुंच सकता है ?

कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुमान के मुताबिक, साल के अंत तक सोने की कीमत दोबारा ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब ₹2.80 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
हालांकि, यह एक बाजार अनुमान है, गारंटी नहीं। सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर, ब्याज दरों, भू-राजनीतिक घटनाओं और निवेश मांग समेत कई कारकों पर निर्भर करती हैं।
Gold-Silver में ETF के जरिए भी निवेश
जो निवेशक फिजिकल सोना या चांदी नहीं खरीदना चाहते, उनके लिए Gold ETF और Silver ETF एक विकल्प हो सकते हैं। इनकी खरीद-बिक्री शेयरों की तरह एक्सचेंज पर की जा सकती है।

ETF में निवेश करने पर आपको फिजिकल सोना या चांदी अपने पास नहीं मिलता। इसके बजाय आपके पास ETF यूनिट होती हैं, जिनकी कीमत संबंधित धातु के बाजार भाव से जुड़ी होती है।
ETF में निवेश कैसे करें ?

Gold या Silver ETF में निवेश के लिए आम तौर पर डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत होती है।
निवेशक अपने ब्रोकर के माध्यम से एक्सचेंज पर उपलब्ध ETF की यूनिट खरीद सकता है। खरीद के बाद यूनिट डीमैट अकाउंट में दिखाई देती हैं और जरूरत पड़ने पर इन्हें एक्सचेंज पर बेचा जा सकता है।
ध्यान रखें: सोना-चांदी में निवेश बाजार जोखिम के अधीन है। कीमतों में तेज गिरावट भी आ सकती है, इसलिए निवेश का फैसला अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए।
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