58 Engineering Colleges Closed in India : देश में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने बड़ा फैसला लिया है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान देशभर के 58 इंजीनियरिंग और टेक्निकल कॉलेजों को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। इसके साथ ही 950 से अधिक इंजीनियरिंग और तकनीकी कोर्सों को भी स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 8 July 2026
IBN24 News Network : AICTE का कहना है कि जिन कॉलेजों में लगातार छात्रों की संख्या कम रही, योग्य शिक्षकों की कमी थी और बुनियादी सुविधाएं तय मानकों के अनुरूप नहीं थीं, उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
पहले से पढ़ रहे छात्रों का क्या होगा ?
AICTE ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों का पहले से इन कॉलेजों में दाखिला है, उनकी पढ़ाई बीच में नहीं रुकेगी। संबंधित कॉलेज तब तक संचालित होंगे, जब तक मौजूदा बैच की पढ़ाई पूरी नहीं हो जाती।

यदि किसी संस्थान को पूरी तरह तत्काल बंद करना आवश्यक हुआ, तो AICTE के नियमों के तहत छात्रों को दूसरे मान्यता प्राप्त कॉलेजों में ट्रांसफर किया जाएगा।
सबसे ज्यादा यूपी और महाराष्ट्र में बंद हुए कॉलेज
देशभर में बंद किए गए 58 कॉलेजों में सबसे अधिक संख्या उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की है। दोनों राज्यों में 12-12 इंजीनियरिंग कॉलेज बंद किए गए हैं।
राज्यवार बंद हुए कॉलेजों की संख्या
| राज्य | बंद कॉलेज |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 12 |
| महाराष्ट्र | 12 |
| मध्य प्रदेश | 8 |
| तेलंगाना | 4 |
| पंजाब | 4 |
| आंध्र प्रदेश | 3 |
| राजस्थान | 3 |
| गुजरात | 2 |
| कर्नाटक | 2 |
| तमिलनाडु | 2 |
| हरियाणा | 1 |
| ओडिशा | 1 |
| उत्तराखंड | 1 |
| पश्चिम बंगाल | 1 |
| कुल | 58 |
55 निजी और सिर्फ 3 सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज बंद
AICTE की कार्रवाई का सबसे अधिक असर निजी संस्थानों पर पड़ा है। बंद किए गए 58 कॉलेजों में 55 निजी (Private) संस्थान हैं, जबकि सिर्फ 3 सरकारी सहायता प्राप्त (Government-Aided) कॉलेज शामिल हैं।

950 से ज्यादा टेक्निकल कोर्स भी हुए बंद
कॉलेजों के अलावा AICTE ने देशभर के विभिन्न तकनीकी संस्थानों में संचालित 950 से अधिक कोर्सों को भी हमेशा के लिए बंद कर दिया है।
AICTE के अधिकारियों के अनुसार जिन कोर्सों में छात्रों की रुचि लगातार कम हो रही थी या जिनके संचालन के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे, उन्हें बंद करने का फैसला लिया गया है।

AICTE ने क्यों लिया यह फैसला ?
AICTE के मुताबिक कई कॉलेज निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे। कार्रवाई के पीछे मुख्य कारण ये रहे—
- कॉलेजों में लगातार छात्रों की संख्या कम होना।
- बड़ी संख्या में सीटों का खाली रहना।
- योग्य प्रोफेसरों और फैकल्टी की कमी।
- लैब, लाइब्रेरी, क्लासरूम और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव।
- AICTE के मानकों और नियमों का पालन नहीं करना।
इन कमियों के चलते संबंधित संस्थानों की मान्यता वापस लेने और उन्हें बंद करने का निर्णय लिया गया।
AICTE क्या है ?

ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) भारत में तकनीकी शिक्षा के लिए वैधानिक नियामक संस्था है। यह इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, मैनेजमेंट, फार्मेसी और अन्य तकनीकी पाठ्यक्रमों को संचालित करने वाले संस्थानों की मान्यता, गुणवत्ता और नियमन का कार्य करती है।
AICTE समय-समय पर संस्थानों का मूल्यांकन करती है और तय मानकों का पालन नहीं करने वाले कॉलेजों एवं कोर्सों के खिलाफ कार्रवाई करती है।
तकनीकी शिक्षा के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला ?
विशेषज्ञों का मानना है कि AICTE का यह कदम तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे ऐसे कॉलेज और कोर्स बंद होंगे जो लंबे समय से कम दाखिले, कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर और गुणवत्ता की कमी से जूझ रहे थे। साथ ही छात्रों का रुझान भविष्य में उन संस्थानों की ओर बढ़ेगा, जहां बेहतर शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध हैं।



















