Haryana Government Colleges New Courses 2026 : हरियाणा सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राज्य के सरकारी कॉलेजों में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेशों के तहत विभिन्न सरकारी कॉलेजों में नए पाठ्यक्रम, विषय और अतिरिक्त सीटों को मंजूरी दी गई है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 22 June 2026
IBN24 News Network : यह निर्णय विद्यार्थियों की मांग और नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे छात्रों को अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा के अधिक विकल्प मिल सकेंगे।
पंचकूला के सरकारी कॉलेज को सबसे बड़ी सौगात
राजकीय कॉलेज सेक्टर-1, पंचकूला में चार नए ऑनर्स प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। प्रत्येक पाठ्यक्रम में 80 सीटों की स्वीकृति दी गई है। इनमें शामिल हैं:

- बीए इंग्लिश (ऑनर्स) – 80 सीटें
- बीए जियोग्राफी (ऑनर्स) – 80 सीटें
- बीए एप्लाइड साइकोलॉजी (ऑनर्स) – 80 सीटें
- बीएससी फिजिक्स (ऑनर्स) – 80 सीटें
इन पाठ्यक्रमों के शुरू होने से विद्यार्थियों को विषय-विशेष में गहन अध्ययन और विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर मिलेगा।
भिवानी, झज्जर और सोनीपत के कॉलेजों को भी लाभ
उच्चतर शिक्षा विभाग ने अन्य जिलों के कई कॉलेजों में भी नए स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी है।
भिवानी
- जीसीडब्ल्यू, बवानीखेड़ा में एमएससी केमिस्ट्री – 40 सीटें
- जीसीडब्ल्यू, बवानीखेड़ा में एमएससी मैथमेटिक्स – 40 सीटें
झज्जर
- जीसी दुबलधन में बीएससी फिजिकल साइंस – 40 सीटें
- जीसी दुबलधन में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस (PG Diploma) – 40 सीटें
सोनीपत
- जीसीडब्ल्यू, गोहाना में पीजीडीसीए – 40 सीटें
- जीसीडब्ल्यू, गोहाना में एमएससी केमिस्ट्री – 40 सीटें
नए विषयों को भी मिली मंजूरी

कई कॉलेजों में जोड़ा जाएगा इलेक्ट्रॉनिक्स विषय
अंबाला, भिवानी, फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार, जींद, झज्जर, कैथल, करनाल, महेंद्रगढ़, पंचकूला, रोहतक और सिरसा के सरकारी कॉलेजों में बीएससी फिजिकल साइंस पाठ्यक्रम के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक्स विषय को शामिल करने की मंजूरी दी गई है।
विभाग के अनुसार यह विषय मौजूदा स्वीकृत सीटों के भीतर अतिरिक्त विकल्प के रूप में संचालित किया जाएगा।
विभाग ने तय कीं महत्वपूर्ण शर्तें
नए कोर्स और विषय शुरू करने के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग ने कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं:
- संबंधित कॉलेजों को एआईसीटीई, विश्वविद्यालय या अन्य सक्षम प्राधिकरणों से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करनी होंगी।
- पाठ्यक्रम संचालन से पहले सभी नियामकीय औपचारिकताएं पूरी करना अनिवार्य होगा।
- यदि किसी कोर्स में विद्यार्थियों की संख्या 20 से कम रहती है, तो भविष्य में उस पाठ्यक्रम को बंद करने पर विचार किया जा सकता है।
छात्रों को क्या होगा फायदा ?
सरकार के इस निर्णय से विद्यार्थियों को अपने जिले या आसपास के क्षेत्र में ही आधुनिक और करियर-केंद्रित पाठ्यक्रमों का लाभ मिलेगा। विशेष रूप से ऑनर्स प्रोग्राम, साइकोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रिमोट सेंसिंग, जीआईएस और स्नातकोत्तर विज्ञान पाठ्यक्रम उच्च शिक्षा तथा रोजगार के नए अवसर प्रदान कर सकते हैं। इससे छात्रों को बड़े शहरों की ओर पलायन किए बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप शुरू किए जा रहे ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों की कौशल क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के लिए भी बेहतर तरीके से तैयार करेंगे।
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