Haryana Guest Teachers Regularization : हरियाणा के करीब 12 हजार गेस्ट टीचर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा दायर लेटर्स पेटेंट अपील (LPA) का निपटारा (Dispose) कर दिया है। इस फैसले के बाद गेस्ट टीचर्स में उम्मीद जगी है कि सरकार जल्द ही उन्हें नियमित (Regular) करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 6 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : गेस्ट टीचर एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेश के हजारों शिक्षक पिछले 20 वर्षों से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, इसलिए अब उन्हें स्थायी नियुक्ति मिलनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला ?
यह मामला सुखविंदर सिंह एवं अन्य बनाम हरियाणा सरकार के नाम से हाईकोर्ट में चल रहा था। हरियाणा सरकार ने पहले दिए गए फैसले के खिलाफ LPA दायर की थी, जिसे अब हाईकोर्ट ने डिस्पोज कर दिया है।
फैसले के बाद गेस्ट टीचर्स का कहना है कि अब सरकार के पास उन्हें नियमित करने का रास्ता साफ हो गया है।
2005-06 में हुई थी भर्ती

याचिकाकर्ता सुखविंदर सिंह के अनुसार, वर्ष 2005-06 में सरकारी स्कूलों में खाली पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी।
- विज्ञापन जारी किए गए।
- चयन समितियों का गठन हुआ।
- मेरिट के आधार पर चयन किया गया।
- दस्तावेजों की जांच के बाद नियुक्तियां दी गईं।
करीब 12,700 शिक्षकों को गेस्ट फैकल्टी के रूप में नियुक्त किया गया था।
सरकार ने कोर्ट में क्या कहा ?

हरियाणा सरकार ने अदालत में दलील दी कि इन शिक्षकों की नियुक्ति केवल अस्थायी व्यवस्था (Stop Gap Arrangement) के तहत की गई थी। नियमित भर्ती प्रक्रिया के तहत चयन नहीं होने के कारण इन्हें स्थायी नियुक्ति नहीं दी जा सकती।
हालांकि हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।
हाईकोर्ट ने क्या कहा ?
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि:
- सरकार स्वयं स्वीकार कर चुकी है कि स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी थी।
- इन्हीं जरूरतों को पूरा करने के लिए गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति की गई।
- करीब 20 वर्षों तक लगातार सेवाएं लेने के बाद इन्हें केवल अस्थायी कर्मचारी बताना उचित नहीं है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। उन्हें जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल कर बाद में अस्थायी बताना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी दिया हवाला
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में ‘मदन सिंह बनाम हरियाणा राज्य’ मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीति को वैध ठहरा चुका है।
अदालत के अनुसार, नीति की वैधता पर अब कोई विवाद नहीं बचा है और पात्र शिक्षक नियमितीकरण की शर्तें पूरी करते हैं।
नियमित होने पर क्या मिलेंगे फायदे ?

यदि हरियाणा सरकार गेस्ट टीचर्स को नियमित करती है तो उन्हें सरकारी शिक्षकों के समान कई सुविधाएं मिल सकती हैं, जिनमें शामिल हैं—
- नियमित वेतनमान (Pay Scale)
- महंगाई भत्ता (DA)
- मकान किराया भत्ता (HRA)
- मेडिकल सुविधाएं
- अर्जित अवकाश (Earned Leave)
- मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश
- वार्षिक वेतन वृद्धि
- सरकारी नियमों के अनुसार पेंशन संबंधी लाभ
- पदोन्नति (Promotion) का अवसर
किन शिक्षकों को मिलेगा लाभ ?
यदि सरकार नियमितीकरण लागू करती है तो इसका लाभ मुख्य रूप से इन पदों पर कार्यरत शिक्षकों को मिल सकता है—
- गेस्ट TGT
- गेस्ट PGT
- भाषा शिक्षक
- ड्राइंग शिक्षक
- कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर (जहां नीति लागू होगी)
साथ ही उन शिक्षकों को भी लाभ मिलेगा, जो 2014 की नियमितीकरण नीति की पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं।
एसोसिएशन ने क्या कहा ?
गेस्ट टीचर एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी डॉ. अजय लोहान ने कहा कि प्रदेश के गेस्ट टीचर्स पिछले दो दशकों से सरकारी स्कूलों में लगातार सेवाएं दे रहे हैं। वर्ष 2014 में सरकार ने उन्हें नियमित करने का वादा किया था और अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद उम्मीद है कि सरकार जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी।
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