Karnal Safai Karamchari Strike : करनाल में अपनी मांगों को लेकर करीब दो सप्ताह से हड़ताल और धरना-प्रदर्शन कर रहे नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। राज्य कमेटी के आह्वान पर सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। कर्मचारियों ने करीब 2 घंटे तक निगम कार्यालय का कामकाज बंद रखा और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष जताया।

Written by Kajal Panchal • Published on : 18 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब शहर की सफाई व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार के रवैये से नाराज सफाई कर्मचारी
नगर पालिका संघ के जिला प्रधान राजकुमार ने कहा कि कर्मचारी सरकार के रवैये से नाराज हैं। उनका आरोप है कि 13 मई को सरकार ने कर्मचारियों की जायज मांगों को मान लिया था, लेकिन बाद में इन मांगों पर आगे कार्रवाई नहीं की गई।
राजकुमार के मुताबिक, जब कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल दोबारा बातचीत के लिए पहुंचा तो मंत्री विपुल गोयल की ओर से यह कहा गया कि वे मांगों को भूल गए थे। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार के इस रवैये से उनमें काफी रोष है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद सरकार कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है।
करनाल को स्मार्ट सिटी बनाने में कर्मचारियों ने की मेहनत
राजकुमार ने कहा कि करनाल को स्मार्ट शहरों की रेस में आगे लाने में सफाई कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कर्मचारियों ने शहर को साफ रखने के लिए लगातार मेहनत की, लेकिन अब हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांग कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना है। अगर सरकार सभी कर्मचारियों को नियमित नहीं कर सकती तो कम से कम सफाई कर्मचारियों के लिए 30 हजार रुपए न्यूनतम वेतन लागू किया जाए।
पूरे हरियाणा में निगम और पालिका कार्यालयों पर ताले
नगर पालिका संघ के जिला प्रधान ने बताया कि राज्य कमेटी के आह्वान पर मंगलवार को पूरे हरियाणा में नगर निगम और नगर पालिका कार्यालयों के बाहर ताले लगाए गए। फिलहाल राज्य कमेटी ने 2 घंटे तक कार्यालय बंद रखने का निर्णय लिया था।
उन्होंने कहा कि यदि राज्य कमेटी की ओर से आगे पूरे दिन कार्यालय बंद रखने का फैसला लिया जाता है तो कर्मचारी उसका भी पालन करेंगे। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि मांगों का समाधान नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार ने बातचीत नहीं की तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
सफाई कर्मचारियों ने सरकार को आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है। राजकुमार ने कहा कि यदि सरकार जल्द कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए नहीं बुलाती और मांगों का समाधान नहीं करती तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। कर्मचारियों का कहना है कि वे भी जनता की सेवा करने वाले कर्मचारी हैं और नहीं चाहते कि शहर में गंदगी बढ़े या इसके कारण बीमारियां फैलें।
नेताओं और निगम आयुक्त से समाधान की अपील
कर्मचारियों ने स्थानीय नेताओं और नगर निगम आयुक्त से भी मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। राजकुमार ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि कर्मचारियों की मांगों को सरकार तक पहुंचाएं, ताकि जल्द से जल्द बातचीत शुरू हो और समस्या का समाधान निकाला जा सके।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी टकराव नहीं चाहते, बल्कि बातचीत के जरिए अपनी मांगों का समाधान चाहते हैं।
हड़ताल से शहर में बढ़ी लोगों की परेशानी
सफाई कर्मचारियों की करीब दो सप्ताह से चल रही हड़ताल का असर अब शहर के कई हिस्सों में नजर आ रहा है। कई जगह कूड़े के ढेर जमा हैं और नियमित सफाई नहीं होने से स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है।
यदि कर्मचारियों की हड़ताल आगे भी जारी रहती है तो शहर की सफाई व्यवस्था पर इसका असर और बढ़ सकता है। वहीं, कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की स्थिति में आम लोगों की मुश्किलें भी बढ़ने की आशंका है। अब सभी की नजर सरकार और सफाई कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर है।
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