Voter List New Rules : हरियाणा में मतदाता सूची से किसी का नाम हटवाने के लिए अब मनमाने तरीके से बड़ी संख्या में आवेदन नहीं किए जा सकेंगे। भारत निर्वाचन आयोग ने फार्म-7 के माध्यम से दर्ज होने वाली आपत्तियों की संख्या सीमित कर दी है। नए नियम ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से जमा किए जाने वाले आवेदनों पर लागू होंगे।

Written by Kajal Panchal • Published on : 15 October 2026
IBN24 NEWS NETWORK : भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में दर्ज नामों पर आपत्ति जताने और नाम हटाने की मांग करने की प्रक्रिया को सख्त किया है। इसके तहत एक मतदाता निर्धारित अवधि में फार्म-7 के जरिए सीमित संख्या में ही आवेदन कर सकेगा। निर्देशों के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जोड़ने से जुड़े दावे और आपत्तियों की निर्धारित अवधि के दौरान एक मतदाता अधिकतम 10 फार्म-7 आवेदन जमा कर सकेगा। वहीं, मतदाता सूची के सामान्य अद्यतन के दौरान यह सीमा हर महीने पांच आवेदन होगी। इस कदम का उद्देश्य बिना ठोस आधार के सामूहिक रूप से आपत्तियां दर्ज कराने पर रोक लगाना और मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाना है।
किन परिस्थितियों में हटाया जा सकता है नाम ?
फार्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में दर्ज किसी व्यक्ति के नाम पर आपत्ति जताने या उसका नाम हटाने की मांग करने के लिए किया जाता है। निर्धारित नियमों के तहत किसी मतदाता की मृत्यु होने या संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में दर्ज रहने की पात्रता नहीं होने पर आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।

हालांकि, केवल आवेदन जमा करने से किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं हटेगा। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया और लागू नियमों के अनुसार आपत्ति की जांच की जाएगी।
कौन भर सकता है फार्म-7 ?
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, फार्म-7 वही व्यक्ति भर सकता है, जिसका नाम संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में पहले से दर्ज है। इसके अलावा, आवेदन निर्धारित आधार और प्रक्रिया के अनुसार ही जमा करना होगा।

नई व्यवस्था ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से दाखिल होने वाले आवेदनों पर लागू होगी। इससे अनावश्यक और बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।
6 नवंबर को प्रकाशित होगी नई मतदाता सूची
हरियाणा में नई मतदाता सूचियों का प्रकाशन छह नवंबर को किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, अब तक पुरानी मतदाता सूचियों से करीब 34 लाख ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं, जो मौजूद नहीं हैं।

राज्य में पिछली मतदाता सूचियों के आधार पर दो करोड़ छह लाख से अधिक मतदाता दर्ज थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास और संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजकुमार लोहाना ने निर्वाचन आयोग के नए निर्देशों की जानकारी दी।
मतदाता अपने नाम की स्थिति जरूर जांचें
नई मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले मतदाताओं को अपने नाम और अन्य विवरणों की जांच कर लेनी चाहिए। यदि किसी मतदाता को अपने नाम से संबंधित कोई समस्या मिलती है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित निर्वाचन अधिकारी से संपर्क कर सकता है।

निर्वाचन आयोग की इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना और बिना उचित आधार के नाम हटाने के लिए दर्ज होने वाली आपत्तियों को सीमित करना है।
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