Delhi NCR Old Vehicle Ban : हरियाणा में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत आने वाले इलाकों में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार ने वाहन मालिकों से 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के संबंध में लागू नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की अपील की है। ऐसे वाहनों से होने वाला प्रदूषण पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, पुराने वाहनों के रखरखाव का खर्च बढ़ने और सड़क सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को देखते हुए भी यह कदम महत्वपूर्ण है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 15 October 2026
IBN24 NEWS NETWORK : वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पुराने वाहनों को केवल अधिकृत पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्रों (RVSF) पर ही स्क्रैप कराएं। इससे वाहनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्ट करने और उपयोगी धातुओं व अन्य सामग्रियों के पुनर्चक्रण में मदद मिलेगी। साथ ही, अनधिकृत तरीके से वाहन काटने और उससे होने वाले प्रदूषण पर भी रोक लगाई जा सकेगी।
हरियाणा के 14 जिले NCR में शामिल
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड के अनुसार, हरियाणा के 14 जिले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में शामिल हैं। इनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, पलवल, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, जींद और करनाल शामिल हैं।

इन जिलों में पुराने वाहनों से जुड़े नियम वाहन मालिकों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसलिए वाहन की आयु, पंजीकरण की स्थिति और संबंधित क्षेत्र में लागू प्रतिबंधों की जानकारी रखना जरूरी है।
NCR में 17.56 लाख से अधिक पुराने वाहन दर्ज
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, जनवरी 2025 तक NCR में 10 साल से पुराने 6,11,097 डीजल वाहन और 15 साल से पुराने 11,45,645 पेट्रोल वाहन दर्ज थे। इस तरह इनकी कुल संख्या 17,56,742 थी।

आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 तक इनमें से 4,160 डीजल और 2,377 पेट्रोल वाहनों का पंजीकरण रद्द किया गया था। ये आंकड़े NCR में पुराने वाहनों की बड़ी संख्या और उनसे जुड़े नियामकीय मुद्दों को सामने लाते हैं।
पुराने वाहन चलाने पर हो सकती है कार्रवाई
NGT और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत निर्धारित आयु सीमा पार कर चुके डीजल और पेट्रोल वाहनों के NCR में संचालन पर प्रतिबंध लागू हैं। नियमों का उल्लंघन होने पर परिस्थितियों और लागू प्रावधानों के अनुसार चालान, वाहन जब्त करने या अन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि, वाहन की उम्र के साथ-साथ उसके पंजीकरण, लागू न्यायिक आदेशों और संबंधित क्षेत्र के नियमों की स्थिति भी समझना जरूरी है। वाहन मालिकों को किसी भी कार्रवाई से पहले परिवहन विभाग से अपने वाहन की वर्तमान स्थिति की पुष्टि कर लेनी चाहिए। दिसंबर 2025 में संसद में पेश संसदीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा में 21 वाहन स्क्रैपिंग केंद्र संचालित थे। इन केंद्रों के माध्यम से वाहन मालिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने पुराने वाहनों को स्क्रैप करा सकते हैं।
वाहन स्क्रैप कराने पर कितने रुपये मिलेंगे ?
पुराने वाहन को स्क्रैप कराने के लिए कोई एक समान सरकारी शुल्क निर्धारित नहीं है। वाहन की स्थिति, वजन और उससे प्राप्त होने वाली कबाड़ सामग्री के मूल्य के आधार पर भुगतान तय हो सकता है। कई मामलों में वाहन मालिक को स्क्रैप के बदले राशि भी मिल सकती है।

स्क्रैपिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। वाहन मालिक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वाहन अधिकृत सुविधा केंद्र पर ही जमा किया गया है और सभी जरूरी दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त, स्क्रैपिंग प्रमाणपत्र के आधार पर नया वाहन खरीदते समय पात्रता और लागू नियमों के अनुसार कुछ प्रोत्साहन भी मिल सकते हैं। हालांकि, वास्तविक लाभ वाहन के प्रकार, राज्य की नीति और संबंधित डीलर या कर प्रावधानों पर निर्भर करेगा।
नया वाहन खरीदने पर मिल सकती है मोटर वाहन कर में छूट
हरियाणा सरकार ने वर्ष 2022 में वाहन स्क्रैपिंग नीति अधिसूचित की थी। इसके बाद वाहन स्क्रैपिंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग एवं रीसाइक्लिंग सुविधा प्रोत्साहन नीति-2024 में भी प्रावधान किए गए।

केंद्र सरकार की व्यवस्था के तहत पात्र वाहन मालिकों को पुराने वाहन के स्क्रैपिंग प्रमाणपत्र के आधार पर नया वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर में छूट मिल सकती है। गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए यह छूट अधिकतम 25 प्रतिशत और व्यावसायिक वाहनों के लिए अधिकतम 15 प्रतिशत तक हो सकती है, बशर्ते संबंधित नियमों और पात्रता की शर्तें पूरी हों। इसलिए वाहन स्क्रैप कराने से पहले संबंधित परिवहन विभाग और वाहन डीलर से छूट की वर्तमान उपलब्धता, उसकी शर्तों और आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि करना उचित रहेगा।
वाहन मालिक इन बातों का रखें ध्यान
पुराने वाहन को स्क्रैप कराने से पहले उसकी आयु, पंजीकरण की स्थिति और NCR में लागू प्रतिबंधों की जांच करें। इसके बाद अधिकृत पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्र से संपर्क करें और भुगतान, प्रमाणपत्र तथा संभावित कर छूट की शर्तों को लिखित रूप में समझें।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना, वाहन स्क्रैपिंग की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना और उपयोगी सामग्रियों का पुनर्चक्रण बढ़ाना है। हालांकि, वाहन मालिकों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपने वाहन पर लागू मौजूदा नियमों की पुष्टि करके ही अगला कदम उठाएं।
Please also read this article :
Instagram: https://www.instagram.com/ib






















