221 feet Ravana in Panchkula : हरियाणा में दशहरे का पर्व इस बार कई खास आकर्षणों के साथ मनाया जाएगा। पंचकूला में 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा, जिसे तैयार करने में करीब 34 लाख रुपये खर्च हुए हैं।

Written by Kajal Panchal • Published on : 20 October 2026
IBN24 NEWS NETWORK : वहीं, रोहतक में 300 से अधिक ड्रोन के जरिए करीब 200 फीट की ऊंचाई पर आसमान में रामायण के प्रसंग और राम-रावण युद्ध दिखाया जाएगा। इसके अलावा रेवाड़ी, पानीपत, हिसार और कुरुक्षेत्र में भी दशहरा उत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं।
पंचकूला में 221 फीट ऊंचा रावण, निर्माण पर खर्च हुए 34 लाख रुपये
पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में 221 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया है। इसे अंबाला के बराड़ा निवासी शिल्पकार तेजिंद्र सिंह चौहान और उनकी टीम ने करीब साढ़े तीन महीने की मेहनत से बनाया है। पुतले के निर्माण पर लगभग 34 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
इस विशाल पुतले को तैयार करने में करीब 7 टन लोहा और 5,000 मीटर कपड़े का इस्तेमाल किया गया है। रावण के पुतले का दहन रिमोट की मदद से किया जाएगा। शिल्पकार तेजिंद्र सिंह चौहान के अनुसार, उन्होंने करीब इसी ऊंचाई के पुतले उत्तराखंड और दिल्ली में भी तैयार किए हैं। सबसे ऊंचा रावण बनाने की परंपरा अंबाला के बराड़ा से शुरू हुई थी। समय के साथ पुतलों की ऊंचाई बढ़ती गई। शिल्पकार का कहना है कि समाज में बुराइयों के बढ़ने के प्रतीकात्मक संदेश के रूप में वह रावण के पुतले का कद बढ़ाते रहे हैं।
रोहतक में 300 ड्रोन से आसमान में दिखेगा राम-रावण युद्ध
रोहतक के पुराना शुगर मिल क्षेत्र में दशहरे के अवसर पर विशेष ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा। इसमें 300 से अधिक ड्रोन की मदद से आसमान में भगवान श्रीराम की गाथा, राम-रावण युद्ध और रामायण के अन्य प्रमुख प्रसंग प्रदर्शित किए जाएंगे।
करीब 12 मिनट के इस शो के लिए अयोध्या से विशेष टीम बुलाई गई है। ड्रोन लगभग 200 फीट की ऊंचाई पर आसमान में अलग-अलग आकृतियां बनाकर रामायण के प्रसंगों को जीवंत करेंगे। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि होंगे। इस दौरान 53 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन भी किया जाएगा। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के अनुसार, आयोजन की तैयारियां पिछले 15 दिनों से चल रही हैं। ड्रोन शो को दशहरा उत्सव का प्रमुख आकर्षण बनाने की तैयारी है।
रेवाड़ी के बेरली कलां में 160 फीट का रावण
रेवाड़ी जिले के बेरली कलां गांव में 160 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया है। सर छोटेलाल रामलीला क्लब की ओर से बनाए जा रहे इस पुतले पर करीब 1.75 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसे तैयार करने में कारीगर लगभग एक महीने से जुटे हुए हैं।
पुतले के अलग-अलग हिस्सों को विशेष आकार दिया गया है। इसका धड़ 70 फीट, पैर 25 फीट, मुंह 20 फीट, मुकुट 20 फीट और छत्र 25 फीट का बताया गया है। गांव के मुकेश पिछले करीब 20 वर्षों से इस विशाल पुतले का निर्माण कर रहे हैं। गांव में रामलीला आयोजन की परंपरा भी काफी पुरानी है। आजादी से पहले गठित क्लब की ओर से करीब 80 वर्षों से रामलीला की परंपरा जारी रखी गई है। खास बात यह है कि ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास से इस विशाल पुतले को तैयार किया है।
पानीपत में 4 हजार से ज्यादा लोग धारण करेंगे हनुमान स्वरूप
पानीपत में दशहरे के दौरान हनुमान स्वरूप धारण करने की परंपरा करीब 79 साल से चली आ रही है। बताया जाता है कि वर्ष 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान ढाल्लू राम पाकिस्तान के लैय्या क्षेत्र से हनुमान स्वरूप की परंपरा को पानीपत लेकर आए थे। उनके वंशज आज भी इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
इस वर्ष भी 4,000 से अधिक युवक और पुरुष हनुमान स्वरूप धारण करेंगे। इसके लिए कई श्रद्धालु 40 दिनों तक पूजा-पाठ और सात्विक जीवन के नियमों का पालन करते हैं। इस अवधि में ब्रह्मचर्य का पालन किया जाता है। कई श्रद्धालु घर से अलग मंदिर में रहते हैं और जमीन पर सोते हैं। अष्टमी से हनुमान स्वरूप धारण करने वाले श्रद्धालुओं का नगर भ्रमण शुरू होता है। दशहरे पर रावण दहन के दौरान बड़ी संख्या में हनुमान स्वरूप मैदान में पहुंचते हैं। यह परंपरा पानीपत की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।
हिसार में रावण के मुंह से निकलेगी आग, घूमेगी गर्दन
हिसार शहर में इस बार तीन प्रमुख रामलीला समितियों सहित सात स्थानों पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पुराने गवर्नमेंट कॉलेज मैदान में शाम 6 बजे रावण दहन होगा। यहां 55 फीट ऊंचा रावण, 50 फीट का कुंभकर्ण और 45 फीट का मेघनाद बनाया गया है।
इस बार पुतलों में विशेष तकनीकी बदलाव भी किए गए हैं। रावण का मुंह खुलने पर आग निकलने और उसकी गर्दन घूमने की व्यवस्था की गई है। उसकी आंखों में एलईडी लाइटें भी लगाई गई हैं। नई सब्जी मंडी में श्री नृसिंह प्रहलाद रामलीला सभा की ओर से शाम 6:30 बजे रावण दहन किया जाएगा। यहां पुतले की गर्दन घुमाने और आंखों को हिलाने के लिए लोहे की बैरिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। रावण के कानों में टॉप्स लगाए गए हैं और उसकी मूंछ तथा दाढ़ी की बनावट में भी बदलाव किया गया है।
कुरुक्षेत्र में दो जगह होगा दशहरा उत्सव, राजनीतिक खींचतान भी चर्चा में
कुरुक्षेत्र में इस बार दशहरा उत्सव दो अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। करीब 20 वर्षों बाद थीम पार्क और ब्रह्मसरोवर के पास स्थित KDB मेला ग्राउंड में अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। दोनों स्थानों पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। मेला ग्राउंड में कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा के आयोजन में अभिनेता राज बब्बर मुख्य अतिथि होंगे। वहीं, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा की अध्यक्षता वाले थीम पार्क के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पत्नी सुमन सैनी शामिल होंगी।
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