Haryana ATS Force : हरियाणा सरकार अब प्रदेश में आतंकवाद, गैंगवार और संगठित अपराध के खिलाफ सबसे बड़ा सुरक्षा अभियान शुरू करने जा रही है। राज्य में जून महीने से हाईटेक एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) की शुरुआत होने जा रही है। हरियाणा के डीजीपी Ajay Singhal ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी।

Written by Kajal Panchal • Published on : 26 May 2026
IBN24 News Network : डीजीपी ने बताया कि ATS गठन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और केवल कुछ तकनीकी औपचारिकताएं बाकी हैं। सरकार का लक्ष्य राज्य में बढ़ती गैंगस्टर गतिविधियों, संगठित अपराध, अवैध हथियार नेटवर्क और संभावित आतंकी खतरों पर सख्त निगरानी रखना है।
हाईटेक होगी हरियाणा की ATS

डीजीपी अजय सिंघल के अनुसार नई ATS यूनिट को आधुनिक तकनीक और विशेष ऑपरेशन सिस्टम से लैस किया जाएगा। इस फोर्स का नेतृत्व आईजीपी स्तर का आईपीएस अधिकारी करेगा। इसके अलावा चार आईपीएस अधिकारियों को एसपी स्तर की जिम्मेदारी दी जाएगी, जो अलग-अलग क्षेत्रों में ऑपरेशन और इंटेलिजेंस नेटवर्क को संभालेंगे।
सूत्रों के मुताबिक ATS को साइबर मॉनिटरिंग, डिजिटल सर्विलांस और स्पेशल ऑपरेशन तकनीकों से मजबूत किया जाएगा ताकि आतंक और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क पर तेजी से कार्रवाई की जा सके।
पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर पर ₹750 करोड़ खर्च
हरियाणा सरकार पुलिस विभाग को आधुनिक बनाने के लिए अगले दो वर्षों में करीब ₹750 करोड़ खर्च करेगी। डीजीपी ने बताया कि मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने इसके लिए विशेष बजट का प्रावधान किया है।

इस बजट के तहत:
- नई पुलिस लाइन बनाई जाएंगी
- पुलिस पोस्ट और पुलिस बूथ स्थापित होंगे
- थानों और चौकियों का विस्तार किया जाएगा
- आधुनिक तकनीकी उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे
- फील्ड यूनिट्स को अपग्रेड किया जाएगा
सरकार का मानना है कि इससे पुलिसिंग और कानून व्यवस्था दोनों को मजबूत किया जा सकेगा।
गैंगस्टर नेटवर्क पर रहेगा बड़ा फोकस
हरियाणा में पिछले कुछ वर्षों में गैंगवार, रंगदारी और अंतरराज्यीय अपराध के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। कई मामलों में अपराधियों के तार दूसरे राज्यों और विदेशों तक जुड़े पाए गए हैं। ऐसे में ATS की भूमिका सिर्फ आतंकवाद तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह गैंगस्टर नेटवर्क और संगठित अपराध सिंडिकेट्स पर भी विशेष कार्रवाई करेगी।
दुष्यंत चौटाला विवाद पर DGP का जवाब
प्रेस वार्ता के दौरान Dushyant Chautala और हिसार पुलिस विवाद को लेकर भी सवाल पूछे गए। इस पर डीजीपी ने कहा कि यह मामला अब पुराना हो चुका है और जांच रिपोर्ट कोर्ट में जमा कर दी गई है। अदालत के फैसले के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
दुष्यंत चौटाला का नंबर ब्लॉक करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस मामले में संबंधित पक्ष को स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है और इसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
NCRB डेटा पर हरियाणा पुलिस की सफाई
NCRB के आंकड़ों में हरियाणा की क्राइम रैंकिंग को लेकर डीजीपी ने विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में हर शिकायत पर एफआईआर दर्ज की जाती है, जिसकी वजह से अपराध के आंकड़े ज्यादा दिखाई देते हैं।
डीजीपी के मुताबिक:
- हर साल करीब 40 हजार एफआईआर केवल बिजली चोरी के मामलों में दर्ज होती हैं
- मिसिंग पर्सन मामलों में भी हरियाणा में एफआईआर दर्ज होती है, जबकि कई राज्यों में केवल डीडीआर की जाती है
- जांच के दौरान सालाना करीब 30 हजार एफआईआर झूठी या समझौते वाली पाई जाती हैं
उन्होंने कहा कि पारदर्शी पुलिसिंग के कारण हरियाणा के आंकड़े ज्यादा दिखाई देते हैं, लेकिन इससे अपराध नियंत्रण की वास्तविक तस्वीर अलग होती है।
सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव संभव
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ATS के गठन और पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश के बाद हरियाणा की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। खासतौर पर NCR से जुड़े जिलों में निगरानी, खुफिया नेटवर्क और अपराध नियंत्रण को और मजबूत किया जाएगा।
सरकार का दावा है कि नई ATS यूनिट अपराध और आतंक से जुड़े नेटवर्क को समय रहते पहचानकर उन पर तेज और सख्त कार्रवाई करने में अहम भूमिका निभाएगी।
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