Karnal Civil Hospital Power Cut : हरियाणा के करनाल स्थित जिला सरकारी अस्पताल में रविवार रात अचानक बिजली गुल होने से मरीजों और उनके परिजनों को करीब पांच घंटे तक भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शुरुआत में लोगों को लगा कि यह सामान्य बिजली कटौती है और कुछ ही देर में आपूर्ति बहाल हो जाएगी, लेकिन बिजली करीब पांच घंटे तक नहीं आई। इस दौरान अस्पताल के वार्डों में भीषण गर्मी और उमस फैल गई, जिससे भर्ती मरीजों की हालत खराब हो गई।

Written by Kajal Panchal • Published on : 13 July 2026
IBN24 News Network : सबसे अधिक प्रभावित जच्चा-बच्चा वार्ड रहा, जहां गर्भवती महिलाएं, ऑपरेशन से डिलीवरी का इंतजार कर रहीं मरीज और एक दिन पहले जन्मे नवजात शिशु गर्मी और उमस के बीच परेशान नजर आए। कई परिजन अपने नवजात बच्चों और मरीजों को हाथ के पंखों से हवा करते दिखाई दिए।
मरीजों को वार्ड छोड़ खुले में बैठना पड़ा
गर्मी और उमस इतनी अधिक थी कि कई मरीजों और उनके तीमारदारों को मजबूरी में वार्ड छोड़कर अस्पताल परिसर में खुले में बैठना पड़ा। हालांकि बाहर भी मौसम से कोई राहत नहीं मिली। कई मरीज ड्रिप लगी होने के बावजूद बाहर बैठे दिखाई दिए, जबकि कुछ मरीजों की पट्टियां बंधी हुई थीं और वे भी गर्मी से राहत पाने के लिए वार्ड से बाहर आ गए।
मरीजों के अनुसार, वार्डों में मच्छरों की समस्या ने हालात को और गंभीर बना दिया। वहीं अस्पताल के कुछ शौचालयों पर ताले लटके मिले, जिससे मरीजों और परिजनों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ी।
जनरेटर व्यवस्था भी रही फेल

अस्पताल में बिजली बैकअप के लिए जनरेटर की व्यवस्था होने के बावजूद बिजली कटौती के दौरान जनरेटर प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सके। मरीजों और उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह भगवान भरोसे चल रही हैं। उनका कहना था कि पांच घंटे तक न बिजली आई और न ही जनरेटर से कोई राहत मिली।
हॉटलाइन सुविधा होने के बावजूद पांच घंटे रहा बिजली संकट
अस्पताल में हॉटलाइन बिजली आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना के इतना लंबा बिजली कट लगना कई सवाल खड़े करता है। अस्पताल प्रशासन भी लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं करा सका, जिससे पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
क्रिटिकल मरीजों को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज भेजा गया
बिजली कटौती के कारण अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें एंबुलेंस के जरिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज, करनाल शिफ्ट किया, ताकि उनका इलाज बिना किसी बाधा के जारी रखा जा सके।
डॉक्टर बोले- पहले कभी इतना लंबा बिजली कट नहीं लगा
अस्पताल के डॉक्टर दीपक ने बताया कि अस्पताल में हॉटलाइन सुविधा मौजूद है, लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। उन्होंने कहा कि इससे पहले कभी इतना लंबा बिजली कट नहीं लगा। बिजली विभाग से लगातार संपर्क कर जल्द आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया गया। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि हालात को देखते हुए क्रिटिकल यूनिट के मरीजों को एंबुलेंस के माध्यम से कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
विधायक जगमोहन आनंद तक पहुंचा मामला

घटना की जानकारी मिलने के बाद करनाल के विधायक जगमोहन आनंद तक मामला पहुंचा। उन्होंने तुरंत उपायुक्त (डीसी) करनाल से फोन पर बात कर बिजली आपूर्ति जल्द बहाल कराने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने बिजली सप्लाई शुरू कराने के प्रयास तेज किए, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल में बिजली बहाल होने में करीब पांच घंटे लग गए।
मरीजों और परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल
इस घटना के बाद मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जिला अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान में यदि पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है और जनरेटर भी काम नहीं करते, तो यह मरीजों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। लोगों ने मांग की कि बिजली बैकअप व्यवस्था, जनरेटर और हॉटलाइन सिस्टम की तकनीकी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।





















