Sugar Price Hike in Haryana : हरियाणा में चीनी के दामों में अचानक बड़ा उछाल देखने को मिला है। करीब डेढ़ महीने पहले जहां चीनी 42 से 45 रुपए प्रति किलो मिल रही थी, वहीं अब इसका भाव बढ़कर 62 से 65 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। यानी करीब 18 से 20 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। कारोबारियों के मुताबिक, यह करीब 45 प्रतिशत तक का उछाल है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 21 August 2026
IBN24 NEWS NETWORK : चीनी के बढ़ते दामों का सीधा असर आम लोगों की रसोई के साथ-साथ चाय और मिठाई के कारोबार पर भी पड़ा है। कई चाय विक्रेताओं ने एक कप चाय के दाम 10 रुपए से बढ़ाकर 15 रुपए कर दिए हैं। वहीं, हलवाई एसोसिएशन मिठाई के दामों में 20 से 30 रुपए प्रति किलो तक बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है।
गन्ने की कम पैदावार को बताया जा रहा बड़ी वजह
चीनी कारोबारियों के अनुसार, इस बार मौसम की मार के कारण गन्ने की पैदावार प्रभावित हुई है। बारिश और सूखे जैसी परिस्थितियों के कारण कई क्षेत्रों में गन्ने का उत्पादन कम हुआ। इसके अलावा किसान धीरे-धीरे गन्ने की खेती से दूसरी फसलों की ओर भी जा रहे हैं।

सोनीपत के थोक चीनी व्यापारी पवन गोयल के मुताबिक, गन्ने का रकबा और उत्पादन घटने से चीनी का उत्पादन भी कम हुआ है। उनका कहना है कि सोनीपत के अलावा गोहाना, पानीपत, असंध और करनाल सहित हरियाणा के कई क्षेत्रों की चीनी मिलों में उत्पादन में कमी आई है।
कारोबारियों का कहना है कि गन्ने की फसल में अधिक समय और मेहनत लगती है। साथ ही किसानों को भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ता है। इसके चलते कुछ किसान धान जैसी फसलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे गन्ने की उपलब्धता कम हुई और चीनी की कीमतों पर दबाव बढ़ा।
चार साल में सोनीपत मिल की गन्ना पेराई 33.7% घटी
सोनीपत सहकारी चीनी मिल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार वर्षों में गन्ने की पेराई में बड़ी गिरावट आई है। 2022-23 में मिल ने 30.75 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी, जो 2025-26 में घटकर 20.39 लाख क्विंटल रह गई।
इस तरह चार साल में 10.36 लाख क्विंटल यानी करीब 33.7 प्रतिशत गन्ने की पेराई कम हुई।
इसी अवधि में चीनी उत्पादन भी 3.08 लाख क्विंटल से घटकर 1.90 लाख क्विंटल रह गया। यानी चीनी उत्पादन में करीब 1.18 लाख क्विंटल या 38.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
2025-26 सीजन में भी उत्पादन में बड़ी गिरावट
2025-26 का सीजन मिल के लिए और चुनौतीपूर्ण रहा। इस दौरान एक ही सीजन में गन्ने की पेराई 21.60 प्रतिशत घट गई, जबकि चीनी उत्पादन में करीब 24.12 प्रतिशत की गिरावट आई।

मिल के बंद रहने का समय भी 151 घंटे से बढ़कर 368 घंटे हो गया। वहीं, 2200 टीसीडी क्षमता वाली मिल की पेराई क्षमता 2024-25 में 88.47 प्रतिशत थी, जो 2025-26 में घटकर 70.47 प्रतिशत रह गई।
जानकारों के अनुसार, गन्ने की कम उपलब्धता का असर हरियाणा की कई चीनी मिलों में देखने को मिल रहा है।
डेढ़ महीने में थोक भाव 42-45 से बढ़कर 62-65 रुपए
थोक चीनी कारोबारी पवन गोयल के अनुसार, करीब डेढ़ महीने पहले चीनी का थोक भाव 42 से 45 रुपए प्रति किलो था। अब यही भाव बढ़कर करीब 62 रुपए प्रति किलो यानी 6200 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। कुछ जगहों पर खुदरा भाव 65 रुपए प्रति किलो तक बताया जा रहा है।
गोयल का कहना है कि उनके करीब 50 साल के पुश्तैनी कारोबार में उन्होंने चीनी के दामों में इतनी तेज बढ़ोतरी पहले नहीं देखी।
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि आने वाले समय में चीनी का भाव 75 रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकता है। हालांकि यह बाजार की मांग, आपूर्ति और उत्पादन पर निर्भर करेगा।
उद्योगों में भी चीनी की बड़ी खपत
कारोबारियों के मुताबिक, चीनी की मांग केवल घरेलू इस्तेमाल तक सीमित नहीं है। दवा फैक्ट्रियों, बिस्किट, कोल्ड ड्रिंक और अन्य खाद्य एवं औद्योगिक उत्पादों में भी बड़ी मात्रा में चीनी इस्तेमाल होती है।
व्यापारी के अनुसार, सोनीपत शहर में ही प्रतिदिन करीब 4 हजार क्विंटल चीनी की खपत होने का अनुमान है। वहीं, राई इंडस्ट्रियल एरिया में करीब 1000 चीनी बैग की खपत बताई जा रही है।
स्थानीय उत्पादन से मांग पूरी नहीं होने पर उत्तर प्रदेश से भी चीनी मंगानी पड़ती है।
यूपी की चीनी 1.50 से 2 रुपए प्रति किलो महंगी
कारोबारी के मुताबिक, सोनीपत की चीनी का भाव जीएसटी समेत करीब 6100 रुपए प्रति क्विंटल है। सोनीपत में सिंगल रिफाइंड चीनी उपलब्ध है, जबकि उत्तर प्रदेश से आने वाली चीनी डबल रिफाइंड होती है।

उत्तर प्रदेश की चीनी सोनीपत की चीनी की तुलना में करीब 1.50 से 2 रुपए प्रति किलो महंगी पड़ती है। हालांकि, व्यापारी के अनुसार इसकी गुणवत्ता बेहतर मानी जाती है।
10 रुपए की चाय अब 15 रुपए में
चीनी के बढ़ते दामों का असर चाय की कीमत पर भी दिखाई दे रहा है। सोनीपत के चाय विक्रेता कुलदीप ने बताया कि वह करीब 15 साल से चाय बेच रहे हैं। पहले उनकी दुकान पर एक कप चाय 10 रुपए में मिलती थी, लेकिन अब इसकी कीमत बढ़ाकर 15 रुपए कर दी गई है।
उनके मुताबिक, केवल चीनी ही महंगी नहीं हुई है। चाय में इस्तेमाल होने वाली अदरक और इलायची के दाम भी बढ़े हैं। ऐसे में पिछले डेढ़ महीने में लागत बढ़ने के कारण चाय की कीमत बढ़ानी पड़ी।
मिठाई के दाम 20 से 30 रुपए किलो तक बढ़ाने की तैयारी
चीनी के साथ मैदा, वनस्पति घी और देसी घी के दाम बढ़ने से हलवाई भी परेशान हैं। सोनीपत श्री कृष्णा पेड़े वाले और हलवाई एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण कुमार के मुताबिक, पिछले डेढ़ से दो महीने में मिठाई बनाने की लागत बढ़ी है।
उन्होंने बताया कि हलवाइयों के साथ बैठक कर मिठाई के दाम 20 से 30 रुपए प्रति किलो तक बढ़ाने पर फैसला लिया जाएगा। कुछ दुकानदारों ने कीमतों में बढ़ोतरी शुरू भी कर दी है।
ग्राहकों ने चीनी की खरीदारी घटाई
सोनीपत किरयाना एसोसिएशन के प्रधान नवीन गर्ग ने बताया कि करीब एक महीने पहले चीनी लगभग 4400 रुपए प्रति क्विंटल में मिल रही थी, जबकि अब इसका भाव 6200 से 6500 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि ग्राहक अभी भी चीनी खरीद रहे हैं, लेकिन कीमत बढ़ने के कारण पहले की तुलना में कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं। यानी महंगी चीनी का असर सीधे घरेलू बजट और किराना कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है।
मंत्री गंगवा बोले- सरकार का कोई रोल नहीं
चीनी के बढ़े हुए दामों को लेकर हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा से भी सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी में सरकार का कोई रोल नहीं है। यह पूरी तरह बाजार में मांग और आपूर्ति से जुड़ा विषय है।

ऐसे में आने वाले दिनों में चीनी के दाम किस स्तर तक पहुंचते हैं, यह गन्ने के उत्पादन, चीनी की उपलब्धता और बाजार की मांग पर निर्भर करेगा। फिलहाल बढ़ी कीमतों ने आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ चाय और मिठाई कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है।
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