Haryana XEN Suspended : हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल करने में कथित लापरवाही को लेकर उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने बड़ी कार्रवाई की है। रोहतक जिले के महम में तैनात एक्सईएन (XEN) संजीत कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 24 October 2026
IBN24 NEWS NETWORK : बताया जा रहा है कि हड़ताल खत्म होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देशों के बावजूद उनसे संपर्क नहीं हो पाया था। संजीत कुमार कुछ दिन पहले ही एसडीओ (SDO) से प्रमोट होकर एक्सईएन बने थे।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार शाम 23 अक्टूबर को बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद प्रदेश में तुरंत बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए थे। साथ ही, जिन क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बाधित थी, वहां जल्द से जल्द आपूर्ति शुरू करने और तकनीकी खामियों को प्राथमिकता से ठीक करने को कहा गया था।

सूत्रों के अनुसार, इस दौरान महम में तैनात एक्सईएन संजीत कुमार न तो कार्यालय में मौजूद थे और न ही उनके फोन पर संपर्क हो पा रहा था। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने निलंबन के आदेश जारी कर दिए हैं।
सस्पेंशन के दौरान पंचकूला मुख्यालय में रहेंगे XEN
निलंबन आदेश के मुताबिक, संजीत कुमार को सस्पेंशन अवधि के दौरान पंचकूला स्थित कार्यालय में रहना होगा। वह सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। बिजली निगम के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) विजेंद्र नरवाल ने भी कार्रवाई की वजह बताते हुए कहा कि सरकार ने बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल करने के निर्देश दिए थे। संजीत कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठा और उनके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई।
विजेंद्र नरवाल के अनुसार, सरकार ने अधिकारियों की सूची मांगी थी, जिसमें यह जानकारी देनी थी कि कौन-कौन अधिकारी ड्यूटी पर मौजूद है और कौन अनुपस्थित है। संजीत कुमार से संपर्क नहीं होने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
करीब 45 घंटे चली बिजली कर्मचारियों की हड़ताल
हरियाणा में बिजली कर्मचारी 22 अक्टूबर की रात 10 बजे से 23 अक्टूबर की शाम तक करीब 45 घंटे हड़ताल पर रहे। कर्मचारी गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 साल के लिए बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस देने के हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) के फैसले का विरोध कर रहे थे।

इस फैसले को लेकर बिजली कर्मचारी संगठनों ने विरोध जताया था। उनका कहना था कि समानांतर लाइसेंस दिए जाने से बिजली वितरण व्यवस्था और कर्मचारियों के हित प्रभावित हो सकते हैं।
सरकार के आश्वासन के बाद वापस ली गई हड़ताल
शुक्रवार शाम पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, बिजली मंत्री अनिल विज और कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। बैठक में सरकार ने बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत आयोग को निर्देश देकर फैसले की समीक्षा कराने और समानांतर लाइसेंस पर रोक लगाने का आश्वासन दिया।

इसके बाद कर्मचारी यूनियनों ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान किया। साथ ही, कर्मचारियों से तुरंत काम पर लौटने और बिजली आपूर्ति बहाल करने की अपील की गई।
इसके अलावा, सभी जिलों से रात 12 बजे तक बिजली आपूर्ति की स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई थी। लोगों की शिकायतों के जल्द समाधान के लिए कंट्रोल रूम चालू रखने के निर्देश भी दिए गए थे। अब बिजली आपूर्ति बहाल करने के मामले में महम के एक्सईएन संजीत कुमार के निलंबन की कार्रवाई चर्चा में है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब सरकार हड़ताल खत्म होने के बाद प्रदेश में बिजली व्यवस्था को सामान्य करने और उपभोक्ताओं की परेशानियां दूर करने पर जोर दे रही है।
CM ने रात 12 बजे तक मांगी थी रिपोर्ट
हड़ताल खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर में बिजली आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के निर्देश दिए थे। जिन जिलों में बिजली सप्लाई बाधित थी, वहां जल्द से जल्द आपूर्ति शुरू करने और तकनीकी फॉल्ट को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने को कहा गया था।
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