Haryana Ventilators : हरियाणा में गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के अस्पतालों में करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से 19 अतिरिक्त नवजात वेंटिलेटर उपलब्ध करवाए जाएंगे। इससे जन्म के तुरंत बाद सांस लेने में परेशानी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे बच्चों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

Written by Kajal Panchal • Published on : 5 November 2026
IBN24 NEWS NETWORK : स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रदेश की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाइयों (SNCU) में फिलहाल 54 नवजात वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। वहीं, 19 नए वेंटिलेटर मिलने के बाद इनकी कुल संख्या बढ़कर 73 हो जाएगी। इससे अस्पतालों में गंभीर हालत में भर्ती होने वाले नवजात शिशुओं के उपचार की क्षमता में इजाफा होगा।
नवजात शिशुओं को मां से अलग रखने की जरूरत होगी कम
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में नवजात शिशु देखभाल इकाइयों को एकीकृत मातृ-नवजात शिशु देखभाल इकाइयों के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में भर्ती नवजात शिशुओं को उनकी माताओं से अनावश्यक रूप से अलग होने से बचाना है। इसके तहत शिशुओं को जरूरी चिकित्सा उपचार देने के साथ-साथ उनकी माताओं की निरंतर मौजूदगी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।

इसके अलावा, अस्पतालों में स्तनपान को बढ़ावा देने, मां को शिशु की देखभाल में शामिल करने और परिवार की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे नवजात बच्चों को चिकित्सा सुविधा के साथ मां का जरूरी देखभाल और भावनात्मक सहयोग भी मिल सकेगा।
अंबाला और कुरुक्षेत्र से मिली पहल को आगे बढ़ाने की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग की इस प्रदेशव्यापी पहल की शुरुआत अंबाला सिटी और कुरुक्षेत्र के जिला अस्पतालों में स्थापित मातृ-नवजात शिशु देखभाल सुविधाओं से मिले अनुभव के आधार पर की जा रही है।

अंबाला सिटी के जिला अस्पताल में लेवल-2 स्वास्थ्य सुविधा के तहत प्रदेश की पहली जिला स्तरीय मातृ-नवजात शिशु देखभाल इकाई स्थापित की गई थी। इसके बाद कुरुक्षेत्र जिला अस्पताल में भी ऐसी इकाई शुरू की गई। इन अस्पतालों में मिले शोध और व्यावहारिक अनुभव को अब प्रदेश के अन्य अस्पतालों तक पहुंचाने की योजना है।
गंभीर नवजातों के इलाज की क्षमता बढ़ेगी
19 नए वेंटिलेटर उपलब्ध होने से हरियाणा के अस्पतालों में गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं के इलाज की सुविधाएं मजबूत होंगी। वहीं, मातृ-नवजात शिशु देखभाल इकाइयों के विस्तार से मां और बच्चे को एक साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, करीब 7 करोड़ रुपये की यह योजना प्रदेश में नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने और उन्हें समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
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