Poor Farmers Buffalo Purchase Scheme : हरियाणा में गरीब परिवारों और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत 1.80 लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले परिवारों को पशुपालन के माध्यम से रोजगार शुरू करने में मदद दी जाएगी। इसके तहत भैंस खरीदने पर पशुपालन विभाग की ओर से 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी और वीटा के माध्यम से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता देने का प्रावधान बताया गया है।

Written by Kajal Panchal • Published on : 10 October 2026
IBN24 NEWS NETWORK : इसके अलावा, योजना से जुड़ने वाले पात्र परिवारों से वीटा दूध खरीदेगा। निर्धारित कीमत के साथ दूध की बिक्री पर प्रति लीटर 10 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। सरकार की इस पहल का उद्देश्य गरीब परिवारों की आमदनी बढ़ाना और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है।
सैनी सरकार की योजना से गरीब परिवारों को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने बैंक अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। सरकार का जोर है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को रोजगार शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता आसानी से मिल सके।

योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों और अनुसूचित जाति के परिवारों को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाएगी। इन ऋणों पर लगने वाले ब्याज का भुगतान सरकार करेगी। इससे पात्र परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा और वे अपना रोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग को इस वर्ष कम से कम 15 हजार भैंसों के लिए ऋण उपलब्ध करवाने का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश भी दिए। पशुपालन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने और परिवारों की नियमित आमदनी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
वीटा खरीदेगा दूध, किसानों को मिलेगा अतिरिक्त प्रोत्साहन
इस योजना की खास बात यह है कि पात्र परिवारों को केवल भैंस खरीदने के लिए आर्थिक सहायता ही नहीं मिलेगी, बल्कि दूध बेचने का माध्यम भी उपलब्ध कराया जाएगा। वीटा के माध्यम से दूध की खरीद होने से लाभार्थियों को अपने उत्पाद की बिक्री के लिए बाजार तलाशने की परेशानी कम हो सकती है।

योजना के तहत दूध की निर्धारित कीमत के अतिरिक्त प्रति लीटर 10 रुपये प्रोत्साहन राशि देने की बात कही गई है। इससे पशुपालन करने वाले परिवारों की कमाई बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सहायता की वास्तविक राशि, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और प्रोत्साहन राशि से संबंधित विस्तृत नियमों की पुष्टि संबंधित विभाग की आधिकारिक अधिसूचना से करना जरूरी होगा।
एक नवंबर तक खुलेंगे 200 नए हर हित स्टोर और 300 वीटा बूथ
हरियाणा सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए हर हित स्टोर और वीटा बूथ के नेटवर्क का भी विस्तार करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक नवंबर तक 200 नए हर हित स्टोर और 300 नए वीटा बूथ, मिल्क बार तथा सांझा बाजार खोलने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल प्रदेश में 1,450 हर हित स्टोर संचालित होने की जानकारी दी गई है। नए स्टोर और बूथ खुलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही, दूध उत्पादों की बिक्री के लिए अतिरिक्त केंद्र उपलब्ध हो सकेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती जमीन पर हर हित स्टोर और वीटा बूथ खोलने के लिए पंचायत विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, शहरी क्षेत्रों में इन केंद्रों की स्थापना के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग की मदद ली जाएगी।
19 विभागों की 47 योजनाओं से मिल रही मदद
बैठक में ‘सेवा’ विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा ने बताया कि अंत्योदय मेलों में भाग लेने वाले परिवारों को रोजगार शुरू करवाने के लिए 19 विभागों की 47 योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जाती है।

वर्ष 2021 में शुरू हुए अंत्योदय मेलों के पहले चरण में 1.35 लाख परिवारों के ऋण स्वीकृत किए गए थे। इसके बाद योजना के दूसरे चरण की शुरुआत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिछले साल 11 दिसंबर को की थी। दूसरे चरण के तहत अब तक सभी जिलों में एक-एक जिला स्तरीय अंत्योदय मेला आयोजित किया जा चुका है। आगामी चरण में प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में अंत्योदय मेले आयोजित किए जाएंगे। इन मेलों के माध्यम से पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं, ऋण सुविधाओं और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की योजना है।
बैंकों को निर्देश, गरीब परिवारों को ऋण देने में न करें देरी
मुख्यमंत्री ने बैंक अधिकारियों से कहा कि वे गरीब परिवारों को ऋण उपलब्ध करवाने में संकोच न करें। यदि आवश्यकता पड़ी तो सरकार बैंकों के ब्याज की भरपाई अपने स्तर पर करेगी। इसके साथ ही, अगले एक साल में आयोजित होने वाले अंत्योदय मेलों के लिए कैलेंडर तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को समय की जरूरत के अनुसार नए स्वरोजगार विकल्पों की सूची तैयार करने को कहा, ताकि अंत्योदय परिवारों को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ा जा सके।
Please also read this article :
Instagram: https://www.instagram.com/ib






















